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मध्य प्रदेश: अब डॉक्टर गोविंद सिंह का उभरा दर्द, नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने पर जताई चिंता

डॉक्टर गोविंद सिंह ग्वालियर चंबल से कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं. (फाइल फोटो)

डॉक्टर गोविंद सिंह ग्वालियर चंबल से कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं. (फाइल फोटो)

डॉक्टर गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) ने भी कांग्रेस के ऊपर नाराजगी जाहिर करते हुए अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 27, 2020, 11:21 AM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) कांग्रेस में आपसी कलह कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पार्टी में सम्मान न मिलने और अन्य वजहों से आए दिन कांग्रेस (Congress) के नेता पार्टी छोड़कर बीजेपी (BJP) में शामिल हो रहे हैं. वहीं, कई कांग्रेसी नेता पार्टी की कार्यशैली से भी असंतुष्ट हैं. इसी बीच खबर सामने आई है कि पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) ने भी कांग्रेस के ऊपर नाराजगी जाहिर करते हुए अपना दर्द बयां किया है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष नहीं बनाए जाने पर चिंता व्यक्त की है. हालांकि, उन्होंने साथ में ये भी कहा है कि नेता प्रतिपक्ष बनाने का फैसला पार्टी को लेना था.

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है कि पार्टी नेताओं ने उनके नेता प्रतिपक्ष बनने को लेकर कोई चिंता नहीं की. हालांकि, उन्होंने बीजेपी सरकार के मंत्री गोंविद सिंह राजपूत के सहानुभूति जताने पर धन्यवाद दिया है. डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा कि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मेरे पारिवारिक रिश्ते हैं. लेकिन राजपूत मेरे राजनीतिक सलाहकार नहीं जो मैं उनकी सलाह को मानूं. उन्होंने गोविंद सिंह राजपूत के ऑफर को ठुकराया दिया है.

डॉक्टर गोविंद सिंह ग्वालियर चंबल से कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं
दरअसल, बुधवार को खबर सामने आई थी कि ग्वालियर चंबल से कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा और सीनियर विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह को बीजेपी में कैबिनेट मिनिस्टर गोविंद सिंह राजपूत ने संकेतों में ऑफर दिया है. परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा था कि कांग्रेस के विधायक डॉ. गोविंद सिंह पार्टी में उपेक्षित हैं. कांग्रेस मंत्रिमंडल में उनको सहकारिता जैसे कमजोर विभाग दिए गए. विपक्ष में होने के नाते डॉक्टर गोविंद सिंह नेता प्रतिपक्ष होने के मजबूत दावेदार थे, लेकिन कमलनाथ ने नेता प्रतिपक्ष की कमान अपने हाथ में रख कर डॉक्टर गोविंद सिंह को उपेक्षित किया. अब मौका है कि डॉक्टर गोविंद सिंह भी कोई फैसला लेकर पार्टी को जवाब दें.
खुद बदल चुके हैं दल


बता दें कि कभी कांग्रेस के विधायक रहे सिंधिया समर्थक गोविंद सिंह राजपूत दल बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए हैं. शिवराज मंत्रिमंडल में परिवहन और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. ऐसे में गोविंद सिंह राजपूत का बयान एक तरीके से डॉक्टर गोविंद सिंह के लिए बीजेपी में शामिल होने का ऑफर माना जा रहा है. हालांकि, कांग्रेस पार्टी का मानना है कि डॉक्टर गोविंद सिंह कांग्रेस मानसिकता वाले नेता हैं और बीजेपी के प्रलोभन में नहीं आएंगे. पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है डॉक्टर गोविंद सिंह अवैध उत्खनन के मामले में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हैं और ऐसे में बीजेपी इस तरीके का बयान उनकी घबराहट को दर्शाती है.
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