मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनकी परंपरागत सीट पर कांग्रेस की कड़ी चुनौती, अरूण यादव को उतारा मैदान में

बुधनी सीट पर बड़ी तादाद में यादव मतदाता हैं. यादव मतदाता इस सीट पर किरार मतदाताओं के करीब दोगुने हैं. मुख्यमंत्री चौहान किरार समुदाय से आते हैं. यादव समुदाय एवं किरार समुदाय दोनों ही ओबीसी में आते हैं.

भाषा
Updated: November 9, 2018, 5:41 AM IST
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को उनकी परंपरागत सीट पर कांग्रेस की कड़ी चुनौती, अरूण यादव को उतारा मैदान में
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Updated: November 9, 2018, 5:41 AM IST
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस ने सीहोर जिले की उनकी परंपरागत बुधनी विधानसभा सीट से गुरुवार को अपने ओबीसी चेहरे एवं पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव को चुनावी मैदान में उतारा है, ताकि मुख्यमंत्री को अपनी ही सीट पर चुनाव प्रचार के लिए सीमित रखा जा सके.

यादव पूर्व केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं और वह मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं किसानों के मसीहा कहे जाने वाले सुभाष यादव के बेटे हैं. सुभाष यादव कांग्रेस के कद्दावर नेता थे.

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि इसी के साथ कांग्रेस ने 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिये हैं और टीकमगढ जिले की जतारा सीट :एससी: को अपने सहयोगी गठबंधन दल लोकतांत्रिक जनता दल :एलजेडी: के लिए छोड़ दिया है.

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एलजेडी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी जतारा से विक्रम चौधरी को मैदान में उतार सकती है. मजे की बात यह है कि चौहान एवं यादव दोनों ओबीसी हैं और दोनों अपने को किसान पुत्र बताते हैं. यादव बुधनी सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के अंतिम दिन कल शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र भरेंगे, जबकि चौहान पांच नवंबर को इस सीट से अपना पर्चा पहले ही भर चुके हैं.

बुधनी सीट पर बड़ी तादाद में यादव मतदाता हैं. यादव मतदाता इस सीट पर किरार मतदाताओं के करीब दोगुने हैं. मुख्यमंत्री चौहान किरार समुदाय से आते हैं. यादव समुदाय एवं किरार समुदाय दोनों ही ओबीसी में आते हैं.

मुख्यमंत्री चौहान बुधनी सीट से चार बार विधायक रह चुके हैं और अब पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे हैं. पांच मार्च 1959 को जन्मे चौहान ने अपना पहला चुनाव 1990 में बुधनी से ही जीता था और विधायक बने थे. इसके बाद 2006 के उपचुनाव में प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते इस सीट पर जीते थे और फिर 2008 एवं 2013 के चुनाव में जीत हासिल कर इस सीट का प्रतिनिधित्व किया.
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वह 2005 से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और लगातार 13 साल तक मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने का उन्होंने इतिहास रचा है. इसके अलावा, चौहान मध्य प्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट से पांच बार लगातार सांसद भी चुने गये. वह 1991 में हुए उपचुनाव में पहली बार विदिशा सीट से सांसद बने थे.

इस बीच, भाजपा ने भी अपने बचे हुए सात प्रत्याशियों की अंतिम सूची आज रात जारी कर दी है. भाजपा प्रदेश की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है. भाजपा ने अपनी अंतिम सूची में भोपाल उत्तर की सीट से फातिमा रसूल सिद्दिकी को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ अकील के खिलाफ मैदान में उतारा है. आरिफ इस सीट पर कांग्रेस के वर्तमान विधायक हैं.

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