ट्रिपल तलाक: ओवैसी पर इंद्रेश कुमार का पलटवार, कहा- मुझसे सीखें इस्लाम

इंद्रेश कुमार ने कहा है कि मुस्लिम समाज में शादी को कॉन्ट्रैक्ट बताने और ट्रिपल तलाक का विरोध करने वाले ओवैसी को इस्लाम मुझसे आकर सीखना चाहिए. उन्होंने कहा कि तीन तलाक को तो खुदा भी गुनाह मानता है.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 1, 2019, 10:48 AM IST
ट्रिपल तलाक: ओवैसी पर इंद्रेश कुमार का पलटवार, कहा- मुझसे सीखें इस्लाम
ट्रिपल तलाक: ओवैसी पर इंद्रेश कुमार का पलटवार, कहा- "मुझसे सीखें इस्लाम"
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Updated: August 1, 2019, 10:48 AM IST
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के ट्रिपल तलाक पर दिए बयान पर पलटवार किया है. इंद्रेश कुमार ने कहा कि मुस्लिम समाज में शादी को कॉन्ट्रैक्ट बताने और ट्रिपल तलाक का विरोध करने वाले ओवैसी को इस्लाम मुझसे आकर सीखना चाहिए.

उन्होंने कहा कि तीन तलाक को तो खुदा भी गुनाह मानता है. भले ही इस्लाम में 4 शादियों का प्रावधान हो, लेकिन कुरान में साफ लिखा है कि दूसरी शादी पहली पत्नी की रजामंदी से ही हो. इंद्रेश कुमार ने बुधवार को भोपाल में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बातें कही.

'करोड़ों लोगों की भावनाओं को दरकिनार कर राम मंदिर नहीं बनने देना भी माॅब लिंचिंग' 

इस दौरान ‘नो मोर पाकिस्तान’ का नारा देते हुए जम्मू-कश्मीर से जुड़ी धारा 370 और आर्टिकल 35ए पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन धाराओं को खत्म करने की दिशा में बढ़ चुकी है. हालांकि इसमें कितना वक्त लगेगा यह अभी नहीं कहा जा सकता. माॅब लिंचिंग कानून को लेकर इंद्रेश ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को भगाया जाना और करोड़ों लोगों की भावनाओं को दरकिनार कर राम मंदिर नहीं बनने देना भी माॅब लिंचिंग की श्रेणी में आता है. जहां तक गोवंश की बात है तो यह कोई 4-5 साल की बात नहीं है. हिंदुओं में गोवंश बरसों-बरस से है. इसलिए गोवंश की तस्करी का अगर कोई विरोध करता है तो उसे रोष माना जाए, न कि माॅब लिंचिंग.

मुस्लिम कुप्रथा-Muslim prejudice
संसद के दोनों सदनों में तीन तलाक बिल पास होने और राष्ट्रपति के इसपर दस्तखत के बाद अब ये कानून बन गया है (सांकेतिक तस्वीर)


1400 साल पुरानी कुप्रथा से मुस्लिम बहनों को मिली आजादी 

वहीं प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष विजेश लूनावत ने कहा कि ट्रिपल तलाक का मामला कोई आज का नहीं है, बल्कि यह 33 साल पहले वर्ष 1986 से चला आ रहा है. इस मामले ने शाहबानो से सायरा बानो तक कई पड़ाव देखने को मिले हैं. लूनावत ने कहा कि मंगलवार का दिन स्वर्णिम दिन था, क्योंकि मुस्लिम बहनों को 1400 साल पुरानी एक कुप्रथा से आजादी मिल गई है.
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आरोपी को जेल भेजने के बजाए जुर्माना लगाते तो सारा विवाद खत्म हो जाता 

दूसरी तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ट्रिपल तलाक बिल पर कहा कि उन्होंने इस बिल में कुछ संशोधनों की जरूरत बताई थी. दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा, 'मोदी सरकार आरोपी को जेल भेजने के बजाए कम से कम 1 लाख का जुर्माना और 10 हजार रुपए प्रतिमाह पत्नी को अलाउंस का संशोधन स्वीकार लेती तो पूरा विवाद ही खत्म हो जाता.'

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ट्रिपल तलाक: आखिर 33 साल बाद इंदौर की शाहबानो को मिला न्याय
First published: August 1, 2019, 10:18 AM IST
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