MP विधानसभा का एक दिन का सत्र डेढ़ घंटे में खत्म, 8 विधेयक बिना चर्चा पास

संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में वित्त और विनियोग विधेयक पेश किया.
संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में वित्त और विनियोग विधेयक पेश किया.

इससे पहले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा की कार्यवाही तय समय पर सुबह 11:00 बजे शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) सहित 24 हस्तियों के निधन पर उनके सम्मान में सदन में 2 मिनट का मौन रखा गया.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा (Assembly) का 21 सितंबर को बुलाया गया एक दिन का सत्र महज़ डेढ़ घंटे के भीतर खत्म हो गया. इस दौरान सरकार ने 8 विधेयक बिना चर्चा के पास करा लिए. इसमें सबसे महत्वपूर्ण वित्त और विनियोग विधेयक 2020 भी शामिल है.

इससे पहले मध्य प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही तय समय पर सुबह 11:00 बजे शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होते ही पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन सहित 24 हस्तियों के निधन की सूचना का उल्लेख किया गया और उनके सम्मान में सदन में 2 मिनट का मौन रखा गया. इसके बाद सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित की गयी. कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने वाले सदस्यों की जानकारी सदन को दी. उसके बाद उन्होंने व्यवस्था दी कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के अस्वस्थ होने और गैर मौजूदगी में संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा वित्त से जुड़े मामले सदन में रखेंगे. इस व्यवस्था के बाद संसदीय कार्य मंत्री ने सदन में वित्त और विनियोग विधेयक सबसे पहले पेश किया. इसके बाद एक साथ विभागों की अनुदान मांगों को रखा गया. इस पर विपक्ष ने चर्चा की मांग की जिसे सत्ता पक्ष की ओर से यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि इस पर सहमति सर्वदलीय बैठक में बन चुकी है. लिहाज इन्हें बिना चर्चा पारित किया जाए.

ये 8 विधेयक बिना चर्चा हुए पास
>>मध्य प्रदेश साहूकार संशोधन विधेयक 2020
>>मध्य प्रदेश वैट संशोधन विधेयक 2020


>>मध्य प्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2020
>>मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि संशोधन विधेयक 2020
>>मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक 2020
>>मध्य प्रदेश वित्त विधेयक 2020
>>मध्य प्रदेश विनियोग विधेयक 2020 मध्यप्रदेश विनियोग (क्र. दो) विधेयक 2020

सदन में उठा कोरोना का मुद्दा
विधानसभा में चर्चा के दौरान कोरोना का मुद्दा भी उठा. नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने निजी अस्पतालों में इलाज में हो रही लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से सदन को कोरोना की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में कोरोना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा विपक्ष भी कोरोना से निपटने में सहयोग करे. हम सब मिलकर इस महामारी से लड़ें और उसे परास्त करें.मध्य प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से बेहतर है. राज्य में रिकवरी रेट 77% है. आवश्यक ऑक्सीजन बेड और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं. कोरोना की स्थिति की रोज समीक्षा वे खुद कर रहे हैं. 23 मार्च से अब तक इलाज और रोगियों की देखरेख के सभी इंतज़ाम किए गए हैं.
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