अनाथ खिलाड़ी ने दिखाई अपनी प्रतिभा, ओलम्पिक में खेलना है लक्ष्य

Ranjana Dubey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 1:19 PM IST
अनाथ खिलाड़ी ने दिखाई अपनी प्रतिभा, ओलम्पिक में खेलना है लक्ष्य
कहते हैं कि टैलेंट किसी भी चीज की मोहताज नहीं होती. और इसे साबित कर दिखाया है भोपाल के जीवोदय अनाथाश्रम में रहले वाले गुब्बूशंकर ने. उनका चयन शॉटगन के लिए एकेडमी में होने वाले ट्रायल के लिए हुआ है.
Ranjana Dubey | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: August 12, 2017, 1:19 PM IST
कहते हैं कि प्रतिभा किसी भी चीज की मोहताज नहीं होती. और इसे साबित कर दिखाया है भोपाल के जीवोदय अनाथाश्रम में रहले वाले गुब्बूशंकर ने. उनका चयन शॉटगन के लिए एकेडमी में होने वाले ट्रायल के लिए हुआ है.

अपने लक्ष्य पर निशाना साधे गुब्बूशंकर शॉटगन में लगातार आगे बढ़ रहे है. गुब्बूशंकर का लक्ष्य ओलंपिक में खेलना है. गुब्बूशंकर को नहीं पता कि उनके माता-पिता कौन है.

जीवोदय अनाथाश्रम में रहने वाले गुब्बूशंकरको बचपन से ही निशाना साधने का शौक था. उनकी इसी रूचि के चलते ही एकेडमी में होने वाले ट्रायल में गुब्बू का शॉटगन के लिए चयन हो गया.

महज तीन सालों में ही गुब्बू ने अपने खेल से केरल में हुई नेशनल चैंपियनशिप में ब्रोंज मेडल हासिल किया. अब तक शॉटगन में एक गोल्ड मेडल के साथ गुब्बू पांच मेडल जीत चुके है.

गुब्बू के माता-पिता नहीं होने पर पासपोर्ट बनने में काफी मुश्किलें आई. पासपोर्ट और वीजा भी खेल मंत्री की पहल के बाद ही बन सका. तब जाकर गुब्बू इटली में शॉटगन चैंपियनशिप में हिस्सा ले पाएं. गुब्बू का ओलंपिक में खेलने के साथ अनाथ बच्चों के लिए खेल एकेडमी खोलने का सपना है, ताकि वो अपने जैसे बच्चों के लिए कुछ कर सकें.
First published: August 12, 2017
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