मध्य प्रदेश के बासमती चावल से राजनीतिक पार्टियां पका रही हैं अपनी खिचड़ी
Bhopal News in Hindi

मध्य प्रदेश के बासमती चावल से राजनीतिक पार्टियां पका रही हैं अपनी खिचड़ी
सोनिया गांधी को लिखे सीएम शिवराज सिंह चौहान के पत्र का हिस्सा.

कमलनाथ ने कहा, 'यह तो बड़ा ही आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री के नाम लिखे पंजाब के मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री सोनिया गांधी को लिख रहे है? इसीसे समझा जा सकता है कि उनको इस मामले में कितनी समझ है?

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 8:37 PM IST
  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बासमती चावल (Basmati Rice) को जियोग्राफिकल इंडिकेशन टैग (GI Tag) मिलने के मामले पर सियासत अनलिमिटेड है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (CM Captain Amarinder Singh) की पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी के जवाब में अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को चिट्ठी लिखी है. इसमें सीएम शिवराज ने पंजाब के सीएम की ओर से पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी का मुद्दा उठाते हुए लिखा है कि एमपी के बासमती को GI टैग से पाकिस्तान को फायदा मिलने की बात पूरी तरह से असत्य है. पंजाब के सीएम की पीएम को चिट्ठी किसान विरोधी है और ये कांग्रेस के किसान विरोधी चरित्र को उजागर करती है. सीएम शिवराज ने चिट्ठी में एमपी में किसानों की कर्ज माफी का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) पर निशाना साधा है. शिवराज ने लिखा है कि एमपी में किसान कर्ज माफी को कमलनाथ ने मजाक बना दिया. वादा किया किसानों से लेकिन कर्ज माफ नहीं हुआ. एमपी के किसानों से कांग्रेस की क्या दुश्मनी है? शिवराज ने दावा किया है कि एमपी के बासमती को GI टैग मिलने से देश के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.

कमलनाथ का जवाब

सीएम शिवराज की सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी का पूर्व सीएम कमलनाथ ने जवाब दिया है. कमलनाथ ने कहा, 'यह तो बड़ा ही आश्चर्यजनक है कि प्रधानमंत्री के नाम लिखे पंजाब के मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री सोनिया गांधी को लिख रहे है? इसीसे समझा जा सकता है कि उनको इस मामले में कितनी समझ है? उन्हें सिर्फ राजनीति करनी है, किसान हित से व प्रदेश हित से उनका कोई लेना-देना नहीं है. यदि वे अपनी पिछली सरकार में इसके लिए ठोस प्रयास कर लेते तो शायद आज प्रदेश के किसानों को अपना हक मिल चुका होता. लेकिन उस समय भी कुछ नहीं किया और अब भी सिर्फ राजनीति. बेहतर हो कि वे सुप्रीम कोर्ट में प्रदेश के किसानों के हित में इस मामले में सारे तथ्य रखकर इस लड़ाई को ठोस ढंग से लड़ें. यह कांग्रेस-भाजपा का मामला नहीं है, यह केन्द्र सरकार का विषय है. वहां के मुख्यमंत्री अपने प्रदेश के किसानो का हक देख रहे हैं. हमें अपने प्रदेश के किसानों का हक देखना है. मद्रास हाई कोर्ट से 27 फरवरी 2020 को याचिका खारिज होने के बाद हमने 3 मार्च 2020 को ही इस मामले में बैठक बुलाई और प्रधानमंत्री व देश के कृषि मंत्री को पत्र लिखा. लेकिन शिवराज तो उस समय सरकार गिराने में लगे थे. 23 मार्च से आज तक शिवराज सरकार ने इस मामले मे क्या किया, यह भी सामने लाएं?



क्या है मामला?
मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग देने की प्रक्रिया चल रही है. इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मध्य प्रदेश के बासमती चावल की जीआई टैगिंग देने पर सवाल उठाते हुए पाकिस्तान को फायदा पहुंचने का हवाला देते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर उन्होंने इस पर रोक लगाने की मांग की है. इसी पर एमपी सरकार ने नाराजगी जताई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading