• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • मुख्य सचिव की बड़े अफसरों को क्लीन चिट पर उठे सवाल, मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- CM से बड़े नहीं हैं..

मुख्य सचिव की बड़े अफसरों को क्लीन चिट पर उठे सवाल, मंत्री पीसी शर्मा ने कहा- CM से बड़े नहीं हैं..

मुख्य सचिव की बड़े अफसरों को क्लीन चिट पर मंत्री पीसी शर्मा ने जताई नाराज़गी

मुख्य सचिव की बड़े अफसरों को क्लीन चिट पर मंत्री पीसी शर्मा ने जताई नाराज़गी

भोपाल के खटलापुर नाव हादसा (Khatlapur Boat accident Bhopal) मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश के बाद मुख्य सचिव (chief secratary sr mohanty) ने बड़े अफसरों को क्लीन चिट दे दी. मंत्री पीसी शर्मा ने इस पर सवाल उठाए हैं.

  • Share this:
भोपाल. खटलापुरा नाव हादसा (Khatlapur Boat Accident) मामले में बड़े अधिकारियों को क्लीन चिट देने के मामले में मुख्य सचिव एसआर मोहंती के बयान को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा (Minister PC Sharma) ने नाराज़गी जाहिर की है. मंत्री पीसी शर्मा ने साफ कर दिया कि जब सीएम ने कहा है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा तो ऐसे में मुख्य सचिव किसी को क्लीन चिट कैसे दे सकते हैं? वैसे भी इस मामले में सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. इस मामले में मुख्य सचिव ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा था कि इसमे बड़े अफसरों का दोष क्या है? इनके इस बयान के बाद ये सवाल भी उठ रहे हैं कि इस क्लीन चिट के बाद क्या निष्पक्ष जांच हो पाएगी?

अफसरों को क्लीन चिट वाले बयान से नाराज़ मंत्री पीसी शर्मा
भोपाल नाव हादसा मामले में बड़े अधिकारियों को क्लीन चिट दिए जाने वाले मुख्य सचिव एसआर मोहंती के बयान को लेकर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने नाराज़गी जाहिर की है. मंत्री पीसी शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि छोटा हो या बड़ा हादसे में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और मुख्य सचिव मुख्यमंत्री से बड़े नहीं हैं. इतना ही नहीं पीसी शर्मा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के रवैये को लेकर भी खासे नाराज़ नज़र आए. पीसी शर्मा ने कहा कि जब वो रात के 2 बजे दौरा कर सकते हैं तो अधिकारी क्यों नहीं कर सकते.

News - खटलापुरा नाव हादसे में सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं
खटलापुरा नाव हादसे में सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं


आमने-सामने मंत्री-मुख्य सचिव
इससे पहले मुख्य सचिव एस आर मोहंती से जब भोपाल नाव हादसे में बड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल किए गए तो उनका कहना था कि, 'बड़े अधिकारियों का दोष क्या है? धारा 144 लगी है, जो न करने के लिए कहा जाए वो अगर करते हैं तो.. मैं इतना जानता हूं कि सुबह साढ़े 4 बजे की घटना है और कलेक्टर सुबह 5 बजे घटनास्थल पहुंच गए थे. उन्होंने मुझे फोन करके जानकारी दी थी. हम कोशिश करेंगे कि आने वाले वक्त में ऐसा न हो.'

इसलिए उठ रहे हैं सवाल..
कमलनाथ सरकार ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 11-11 लाख रुपए मुआवजे के ऐलान के साथ ही हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं. मजिस्ट्रियल जांच एडीएम सतीश सक्सेना को सौंपी गई है. जांच शुरु होने से पहले ही मुख्य सचिव ने अपने बयान में बड़े अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी. अब सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या इस बयान के बाद बड़े अधिकारियों के मामले में निष्पक्ष जांच हो पाएगी ?

भोपाल नाव हादसा: कब क्या हुआ?

>> रात 11 बजे- पिपलानी इलाके से गणेश विसर्जन के लिए झांकी बड़े धूमधाम से खटलापुरा घाट के लिए रवाना हुई.

>> सुबह 4 बजे- विसर्जन का नंबर आने पर गणेश जी की प्रतिमा को क्रेन पर लटकाया गया.
> सुबह 4:30 बजे- दो नावों को जोड़कर बनाई गई एक नाव पर गणेश प्रतिमा को रखा गया. तालाब में प्रतिमा को जैसे ही विसर्जित किया गया, वैसे ही नाव में एक तरफ से पानी भरने लगा और नाव पलट गई. कुछ युवक पानी में गिर गए. उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए नाव को पकड़ लिया और उसके बाद पूरी नाव ही पलट गई और उसमें सवार सभी लोग तालाब में गिर पड़े.

>> सुबह 5 बजे- नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ के अधिकारी कर्मचारी मौके पर आना शुरू हुए.

>> सुबह 8 बजे- तालाब से शवों को निकालकर मॉर्च्यूरी पहुंचाया गया.

>> सुबह 9 बजे- मॉर्च्यूरी में शवों का पोस्टमॉर्टम हुआ.
> सुबह 10 बजे- मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया. साथ ही इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए.

>> दोपहर 12 बजे- शवों के अंतिम संस्कार का सिलसिला शुरू हुआ

ये भी पढ़ें -
चालान का टूटा सारा रिकॉर्ड, उड़ीसा में ट्रक मालिक को लगा साढ़े 6 लाख का जुर्माना
अमित शाह ने दी हिंदी दिवस की शुभकामनाएं, कहा- पूरे देश की हो एक भाषा

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज