सावधान! MP में फिशिंग, स्पूफिंग के जरिए मेल हैक, राज्‍य सायबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी...ऐसे बचें आप...

किसी भी अनजान ईमेल पर विश्वास कर किसी भी सॉफ्टवेयर को डॉउनलोड न करें. वह वायरस हो सकता है.(सांकेतिक फोटो)

Mail Hack Through phishing, Spoofing: सायबर (Cyber) जालसाजी से बचने के लिए राज्य सायबर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है. यदि आपके साथ ऐसा कुछ हुआ हो तो उसकी शिकायत अपने नजदीकी थाने में या www.cybercrime.gov.in या Toll Free नम्बर 155260 पर कर सकते हैं.

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भोपाल. फिशिंग, स्पूफिंग मेल (phishing, Spoofing Mail) करके आपके मेल आईडी को हैक (Hack) किया जा सकता है. प्राइवेट के साथ गवर्नमेंट सेक्टर में मेल आईडी हैक होने के मामले लगातार आ रहे हैं. ऐसे में सायबर (Cyber) जालसाजी से बचने के लिए राज्य सायबर पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरीके की ठगी का शिकार ना हो सके.

राज्य सायबर क्राइम पुलिस के अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (ADG State Cyber Crime police) योगेश चौधरी ने एडवाइजरी जारी की है. उन्होंने बताया आजकल प्रदेश में ऐसे सायबर अपराध देखने में आ रहे हैं, जिनमें जालसाज फिशिंग, स्पूफिंग मेल के जरिए लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं. सायबर अपराधी विभिन्न शासकीय संस्थानों विशेष रूप से पुलिस, शिक्षण संस्थान, चिकित्सा विभाग आदि और प्राइवेट कंपनियों को उनकी मेल आईडी पर फिशिंग, स्पूफिंग मेल करते हैं.

ऐसे बनाया जाता है शिकार
मेल में लिखा होता है कि आपकी ईमेल आईडी का पासवर्ड आज एक्सपायर हो गया है. बिना किसी परेशानी के ईमेल की सेवाएं जारी रखने के लिये नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करके नया पासवर्ड बनाएं. जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करके पासवर्ड चेंज करने के लिये अपनी ईमेल आईडी, पुराना पासवर्ड और फिर नया पासवर्ड डालने के बाद सबमिट करते हैं, तो आपकी ईमेल आईडी और का पासवर्ड अपराधियों के पास पहुंच जाते हैं.

मेल की जानकारी का दुरुपयोग
योगेश चौधरी ने बताया कि मेल हैक होने के बाद उसकी जानकारी का दुरुपयोग कर अपराधी आपके सारे व्यक्तिगत, शासकीय पत्राचार वाले मेल पढ़ सकते हैं. उसका दुरुपयोग अन्य चीजों के लिये भी कर लेते हैं. इस तरह आपके कई सरकारी दस्तावेज पत्राचार गोपनीय जानकारी अपराधी तक पहुंच जाती हैं. इसके अलावा यदि आपकी ईमेल आईडी आपके बैंक अकॉउट में जुड़ी होती है तो वह आपको वित्तीय हानि भी पहुंचा सकते हैं.

ऐसे बचा जा सकता है
योगेश चौधरी ने बताया कि किसी भी अनजान ईमेल पर विश्वास कर किसी भी सॉफ्टवेयर (Software) को डॉउनलोड न करें. वह वायरस हो सकता है. ऐसा कोई भी फिशिंग मेल (Phishing Mail) मिलने पर उसे तुरंत डिलीट कर दें. इस तरह से प्राप्त ईमेल हमें हमारे सर्वर से भेजे गये लगते हैं. क्योंकि अपराधी इन्हें इस तरह से तैयार करते हैं, जबकि आप उक्त ईमेल को ठीक से जांचेंगे तो पता लगेगा की वह नकली ईमेल है और आपके सर्वर के ईमेल को दर्शाते हुये मेल किये गये हैं.

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