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मध्य प्रदेश में वर्दी पर नहीं चलेगी मनमर्जी, पुलिस जवानों को डांगरी की जगह खाकी ही पहननी होगी

मध्य प्रदेश में वर्दी पर नहीं चलेगी मनमर्जी, पुलिस जवानों को डांगरी की जगह खाकी ही पहननी होगी

एमपी में पुलिस जवानों को खाकी वर्दी ही पहनना होगी

एमपी में पुलिस जवानों को खाकी वर्दी ही पहनना होगी

ड्यूटी के दौरान खाकी वर्दी को छोड़कर नक्सल प्रभावित जिलों में पहने जाने वाली वर्दी को लेकर पुलिस मुख्यालय को कई शिकायत मिली थीं. इसके बाद इंटेलिजेंस चीफ आदर्श कटियार ने सभी जिलों की पुलिस को खाकी वर्दी पहनकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं

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भोपाल. कोरोना (COVID-19) की कठिन ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों (Police) को अब वर्दी में कोई रियायत नहीं मिलेगी. मध्य प्रदेश में उन्हें डांगरी की जगह खाकी वर्दी ही पहननी होगी. प्रदेश के कई इलाकों में पुलिस जवान डांगरी का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस मुख्यालय ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं.

कोरोना में ड्यूटी करने के दौरान पुलिस अनुशासन का ध्यान नहीं रख रही थी. यही वजह है कि पुलिस मुख्यालय ने फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों को अनुशासन याद दिलाया है. पुलिस मुख्यालय ने भोपाल और इंदौर के साथ प्रदेश के अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को पत्र लिखकर खाकी वर्दी पहनने के निर्देश हैं. यह निर्देश इसलिए दिए हैं क्योंकि पुलिस मुख्यालय का मानना है कि कोरोना आपदा के दौरान पुलिस अधिकारी और कर्मचारी कई जिलों में डांगरी का इस्तेमाल कर रहे हैं. जबकि डांगरी वर्दी का इस्तेमाल नक्सल प्रभावित जिलों में किया जाता है. यह वर्दी मल्टी पॉकेट रहती है और इसका रंग मिलिट्री की वर्दी की तरह रहता है.

भोपाल, इंदौर की सबसे ज्यादा शिकायत
ड्यूटी के दौरान खाकी वर्दी को छोड़कर नक्सल प्रभावित जिलों में पहने जाने वाली वर्दी को लेकर पुलिस मुख्यालय को कई शिकायतें मिली थीं. इसके बाद इंटेलिजेंस चीफ आदर्श कटियार ने सभी जिलों की पुलिस को खाकी वर्दी पहनकर ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने आदेश में लिखा कि ड्यूटी पर जितने भी पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात हैं, वो उचित आचरण के साथ निर्धारित खाकी वर्दी पहन कर ड्यूटी करें. उन्हें नक्सल प्रभावित जिलों में पहनी जाने वाली वर्दी का इस्तेमाल नहीं करना है. इस आदेश का पालन कराने की जिम्मेदारी डीआईजी और एसपी की है.

थाना पुलिस को रियायत नहीं
मल्टी पॉकेट वर्दी का इस्तेमाल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और स्पेशल ऑपरेशन के दौरान किया जाता है. मिलिट्री वर्दी की तरह दिखने वाली डांगरी वर्दी एसटीएफ, एटीएस, एसडीआरएफ के साथ हॉक फोर्स पहनता है. नक्सल क्षेत्र में इस तरीके की वर्दी पहनने की रियायत दी गई है. कोरोना आपदा की ड्यूटी में तैनात कई थानों के पुलिस अधिकारी कर्मचारी डांगरी वर्दी पहनकर ड्यूटी करते हुए नजर आए थे. पुलिस मैनुअल के हिसाब से ड्यूटी पर खाकी वर्दी पहनना अनिवार्य है. क्राइम ब्रांच में फील्ड पर तैनात पुलिस के जवानों को यह रियायत है कि वो सादे कपड़ों में ड्यूटी कर सकते हैं. लेकिन थाना पुलिस को किसी तरीके की रियायत नहीं है. थाना स्तर पर ड्यूटी पर तैनात शत-प्रतिशत पुलिसकर्मियों को खाकी वर्दी ही पहननी होगी.

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Tags: Bhopal news, Corona warriors, Madhya pradesh Police, MP Police

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