Population Control: MP में अभी जनसंख्या नियंत्रण कानून बना तो अयोग्य हो जाएंगे शिवराज के 38% मंत्री

जनगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश की जनसंख्या 7.27 करोड़ है

New Population Policy : जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए दिग्विजय सिंह (Digvijay singh) सरकार ने भी 2000 में सरकारी सेवाओं और पंचायती राज चुनावों में दो बच्चों का नियम बनाया था. साल 2005 में बीजेपी ने इसे वापस से लिया था.

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भोपाल. उत्‍तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण विधेयक (Population Control Act) का मसौदा आते ही पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार के कई मंत्री और विधायक इसकी वकालत करने लगे हैं. विपक्ष कह रहा है बीजेपी आबादी पर काबू पाने के नाम पर सियासत कर रही है. अगर दो बच्चों का कानून आज की तारीख़ में एमपी में लागू हो जाए तो क्या होगा?

परिवार नियोजन की इस ख़बर की शुरुआत एमपी के पूर्व प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा की चिट्ठी से करते हैं. इसमें वह जनसंख्या नियंत्रण को जरूरी कदम बताकर एमपी में भी ऐसा ही विधेयक लाने की मांग कर रहे हैं. सिंगरौली से बीजेपी विधायक राम लल्लू वैश्य के 9 बच्चे हैं, लेकिन विधायकजी कहते हैं कि जनसंख्या नियंत्रण कानून बनना चाहिए, लेकिन बीजेपी विधायक का निशाना कहीं औऱ होता है. वो कहते हैं हमारा नारा था हम 2 हमारे 2. क्या ये संभव हुआ. हिन्दुओं को कह देंगे नसबंदी करा दो दूसरे भाइयों को कहेंगे फ्री हो जाओ.

बीजेपी के 39% विधायक और 38% मंत्री अयोग्य हो जाएंगे
सवाल यह है कि अगर आज की तारीख से ही कानून बने तो सत्ताधारी पार्टी हो या विपक्ष कई नेताओं को घर पर बैठना पड़ जाएगा. अगर फौरन अमल के साथ ऐसा क़ानून बनता है तो एमपी में 227 विधायकों में बीजेपी के 39% विधायक और 38% मंत्री अयोग्य हो जाएंगे. कांग्रेस के भी 34% विधायकों को अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा. विधानसभा की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी के 49 विधायकों के 3 या उससे अधिक बच्चे हैं. 14 के 4 से अधिक बच्चे हैं. 3 मंत्रियों के भी पांच और उससे अधिक बच्चे हैं. कांग्रेस में 16 विधायकों के तीन बच्चे हैं. 12 विधायकों के चार. 3 विधायकों के पांच और एक विधायक के 9 बच्चे हैं.

दिग्विजय सिंह ने बनाया था नियम बनाया
जनसंख्या को नियंत्रित करने दिग्विजय सिंह सरकार ने भी 2000 में सरकारी सेवाओं और पंचायती राज चुनावों में दो बच्चों का नियम बनाया था. पहले हाईकोर्ट में इसे चुनौती मिली, बाद में 2005 में बीजेपी ने इसे वापस ले लिया था. कांग्रेस पूछ रही है कि अब बीजेपी किस मुंह से जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर राजनीति कर रही है. कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण आज की ज़रूरत है, लेकिन इसकी नीयत राजनैतिक नहीं होनी चाहिये. मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में दो बच्चों का कांग्रेस ने निर्णय लिया था लेकिन बीजेपी ने उसे समाप्त कर दिया. जब इंदिराजी ने प्रयास किया तो आरएसएस और अटलजी विरोध में थे. जनगणना के मुताबिक मध्य प्रदेश की जनसंख्या 7.27 करोड़ है जिसकी विकास दर बीस फीसदी से ज्यादा है.

मंत्री का विवादित बयान
विधायक ने तो निशाना साधा मगर हिन्दुस्तान की आबादी पर क़ाबू पाने के लिये मध्य प्रदेश के पंचायत मंत्री महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने तो विवादित बयान दे दिया. केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी सिसोदिया ने तो यहां तक कह दिया कि मुसलमानों में दो-तीन शादियां होती हैं और वो दस-दस बच्चे पैदा कर लेते हैं, इस पर अंकुश लगना चाहिए. महेन्द्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए बहुत सारे क़ानून बने हुए हैं, लेकिन समान नागरिक संहिता क़ानून लागू होना चाहिए जिसमें हर जाति के व्यक्ति के लिए बच्‍चे पैदा करने की संख्या भी सुनिश्चित होनी चाहिये. मुस्लिमों में ये सुनिश्चित नहीं है.

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