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बिजली संकट : विदेशी कोयले से रोशन होगा मध्य प्रदेश, 700 करोड़ रुपये के टेंडर जारी

Power-coal Crisis. विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछा है कि सर प्लस स्टेट में बिजली की कमी क्यों हुई. जो 700 करोड़ रुपये के जो अनुबंध थे उनसे आखिर प्रदेश को बिजली क्यों नहीं मिल रही है.

Power-coal Crisis. विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछा है कि सर प्लस स्टेट में बिजली की कमी क्यों हुई. जो 700 करोड़ रुपये के जो अनुबंध थे उनसे आखिर प्रदेश को बिजली क्यों नहीं मिल रही है.

Power Crisis : राज्य सरकार ने जो टेंडर जारी किया है उसमें एनटीपीसी कोयला खरीदेगी और फिर सप्लाई करेगी. सरकार ने सप्लायर को छूट दी है कि वो किस देश से कोयला मंगवाए. जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के लिए ऑस्ट्रेलिया या मलेशिया से कोयला मंगवाया जा सकता है. सप्लायर यानि एनटीपीसी को ही विदेश से कोयला खरीद कर पावर हाउस तक पहुंचाना होगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश अब विदेशी कोयले से रौशन होगा. प्रदेश में बिजली संकट को भांपते हुए सरकार विदेश से कोयला मंगवा रही है. 700 करोड़ का टेंडर कर दिया गया है. कोयले की कमी के कारण पूरे देश में बिजली संकट खड़ा होने के आसार थे. मध्यप्रदेश में भी कोयले से बिजली उत्पादन बनाए रखने के लिए अब सरकार विदेशी कोयला खरीदने की तैयारी में है. राज्य सरकार ने टेंडर जारी कर दिया है. सरकार बिजली संयंत्रों में सप्लाई बनाए रखने के लिए साढ़े सात लाख मीट्रिक टन कोयला खरीदने जा रही है. सरकारी स्तर पर इसकी तैयारी पूरी हो गई है.

राज्य सरकार ने जो टेंडर जारी किया है उसमें एनटीपीसी कोयला खरीदेगी और फिर सप्लाई करेगी. सरकार ने सप्लायर को छूट दी है कि वो किस देश से कोयला मंगवाए. जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के लिए ऑस्ट्रेलिया या मलेशिया से कोयला मंगवाया जा सकता है. सप्लायर यानि एनटीपीसी को ही  विदेश से कोयला खरीद कर पावर हाउस तक पहुंचाना होगा.

ऑस्ट्रेलिया या मलेशिया से आएगा कोयला
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा प्रदेश के पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक बनाने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. सड़क मार्ग से 30 लाख मीट्रिक टन कोयला लाया जा रहा है. लेकिन इसके अलावा विदेश से भी कोयला खरीदने की तैयारी है इसके लिए टेंडर हो गए हैं. ऊर्जा मंत्री ने भरोसा जताया कि प्रदेश में कोयला और बिजली संकट से उबर लिया जाएगा.

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4 में से 3 पावर प्लांट संकट में
जानकारी के मुताबिक पावर जेनरेशन कंपनी के 4 पावर प्लांट में से 3 पावर प्लांट क्रिटिकल स्थिति में हैं. संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट की स्थापित क्षमता 1340 मेगावाट है जो 56 फीसदी प्लांट लोड फैक्टर पर चल रहा है. सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता 1310 मेगा वाट है जिसका प्लांट लोड फैक्टर 29.6 है. इसमें कोयले की कमी के कारण  बिजली का तीस फीसदी उत्पादन हो रहा है. सिंगाजी थर्मल पावर प्लांट की क्षमता 2520 मेगावाट है जो कि 42.7 प्लांट लोड फैक्टर पर चल रहा है. यानी कि यहां भी बिजली का आधा उत्पादन हो रहा है. अब राज्य सरकार विदेश से कोयला खरीदने जा रही है. इस पर 700 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे. सवाल इस बात को लेकर कि समय रहते कोयले के स्टॉक कर लिया जाता तो विदेश से कोयला खरीदने की नौबत नहीं आती.

कांग्रेस ने की श्वेत पत्र की मांग
राज्य सरकार के विदेश से कोयला खरीदने पर प्रदेश का सियासी पारा भी गर्म हो गया है. पूर्व ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा केंद्र और राज्य में बीजेपी की सरकार है. देश की कोल माइंस से बिजली की आपूर्ति होना चाहिए. लेकिन विदेशों से कोयला खरीद कर बाहरी कंपनियों औऱ सरकारो को उपकृत करने की कोशिश हो रही है. विदेश से कोयला खरीद कर सरकार बड़ी रकम खर्च कर रही है. पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बीजेपी सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है. प्रियव्रत ने सरकार से सवाल पूछा है कि सर प्लस स्टेट में बिजली की कमी क्यों हुई. जो 700 करोड़ रुपये के जो अनुबंध थे उनसे आखिर प्रदेश को बिजली क्यों नहीं मिल रही है.

Tags: Coal Shortage, Madhya pradesh latest news, Power Crisis

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