लाइव टीवी
Elec-widget

प्रह्लाद लोधी की सदस्यता बचाने राज्यपाल से मिले बीजेपी नेता, दख़ल देने की मांग

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 13, 2019, 2:47 PM IST
प्रह्लाद लोधी की सदस्यता बचाने राज्यपाल से मिले बीजेपी नेता, दख़ल देने की मांग
भोपाल-बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल से की मुलाक़ात

2014 में तहसीलदार से मारपीट के एक मामले में पवई विधानसभा सीट (pawai assembly seat) से बीजेपी विधायक (bjp mla) प्रह्लाद लोधी को भोपाल के स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सज़ा सुनायी थी. कोर्ट के इस फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति (assembly speaker n p prajapati) ने लोधी की विधानसभा सदस्यता ख़त्म करने का फैसला सुनाया था,

  • Share this:
भोपाल. पवई सीट से bjp विधायक प्रह्लाद लोधी (BJP MLA Prahlad Lodhi) की विधानसभा सदस्यता ख़त्म किए जाने के मामले में पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने भोपाल में राज्यपाल (governor) लालजी टंडन (Lalji tandon) से मुलाक़ात की. पार्टी ने इस मसले पर  राज्यपाल से दखल देने का आग्रह किया. बाद में न्यूज 18 से बातचीत में प्रह्लाद लोधी ने पवई के कांग्रेस नेता मुकेश नायक पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा इस सबके पीछे नायक का हाथ है. मेरी राजनीतिक हत्या की कोशिश की जा रही है.मुझे राज्यपाल से है न्याय की उम्मीद है.

पार्टी नेताओं ने इस मुलाक़ात से पहले मंगलवार को विधि विशेषज्ञों की राय ली थी. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह (rakesh singh), पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan), नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव पूर्व,मंत्री नरोत्तम मिश्रा और खुद प्रह्लाद लोधी सहित अन्य नेता शामिल थे.

प्रह्लाद लोधी की विधानसभा सदस्यता ख़त्म करने के विरोध में पार्टी लामबंद है. लोधी की विधायकी खत्म करने के मामले में बीजेपी नेताओं ने पूरी तैयारी के साथ राज्यपाल लालजी टंडन (Governor Lalji Tandon) से मुलाकात की. उससे पहले अपना पक्ष मजबूत करने के लिए बीजेपी नेताओं ने विधि विशेषज्ञों की राय ली थी.
बीजेपी की राय

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है संविधान की धारा 100, 101 और 102 में उल्लेख है कि विधायक की विधायकी ख़त्‍म करने का अधिकार राज्यपाल को है. विधानसभा सचिवालय इस पर सीधे तौर पर फैसला नहीं कर सकता है.

कांग्रेस के इशारे पर कार्रवाई
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव का कहना है, विधानसभा सचिवालय का फैसला सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के इशारे पर उठाया गया कदम है. जब निचली अदालत ने प्रह्लाद लोधी को दो साल की सजा सुनाई तो विधानसभा ने एक दिन में फैसला लेते हुए लोधी की विधायकी खत्म करने का फैसला ले लिया. जबकि लोधी की सज़ा पर हाईकोर्ट की रोक के एक सप्ताह बीतने के बाद अब सचिवालय कोर्ट के फैसले का परीक्षण करने की बात कर रहा है, जो कि न्याय संगत नहीं है. बीजेपी ने कहा कोर्ट की अवमानना के मामले में विधानसभा सचिवालय आ रहा है. जबकि विपक्ष अपनी भूमिका निभाते हुए राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें प्रह्लाद लोधी पर की गई कार्रवाई रद्द करने की मांग करेगा.
Loading...

ये था मामला
2014 में तहसीलदार से मारपीट के एक मामले में पवई विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक प्रह्लाद लोधी को भोपाल के स्पेशल कोर्ट ने दो साल की सज़ा सुनायी थी. कोर्ट के इस फैसले के बाद विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने लोधी की विधानसभा सदस्यता ख़त्म करने का फैसला सुनाया. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को आधार बनाया जिसमें किसी जनप्रतिनिधि को अदालत की दो साल की सज़ा सुनाने पर उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है. इस बीच भोपाल स्पेशल कोर्ट के सज़ा के फैसले को ख़िलाफ प्रह्लाद लोधी ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी. हाईकोर्ट ने उनकी सज़ा पर रोक लगा दी. अब बीजेपी प्रह्लाद लोधी की सदस्यता ख़त्म करने के फैसले के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज करा रही है.

ये भी पढ़ें-MP में स्कॉलरशिप घोटाला : सरकार ने कॉलेजों से 10 साल का रिकॉर्ड मांगा

BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर को बापू से परहेज़? संकल्प यात्रा में नहीं हुईं शामिल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 13, 2019, 10:56 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com