प्रेमचंद गुड्डू BJP से निष्कासित, सिंधिया-सिलावट के ख़िलाफ की थी बयानबाज़ी
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प्रेमचंद गुड्डू BJP से निष्कासित, सिंधिया-सिलावट के ख़िलाफ की थी बयानबाज़ी
वे रविवार दोपहर 1 बजे के लगभग पीसीसी चीफ कमलनाथ की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में उपचुनाव की आहट से पहले नेताओं की घर वापसी के संकेत मिलने लगे हैं. करीब 30 साल तक कांग्रेस में रहे पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू (premchand guddu) ने 2018 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था.

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भोपाल.प्रेमचंद गुड्डू (Premchand Guddu) को बीजेपी (bjp) से निष्कासित कर दिया गया है. पिछले कुछ दिनों से पार्टी विरोधी बयानबाजी के कारण बीजेपी ने उन्हें नोटिस (notice) जारी किया था और जवाब देने के लिए 7 दिन का समय दिया था. उसके जवाब में गुड्डू ने कहा था कि वो 9 फरवरी को ही बीजेपी से इस्तीफा दे चुके हैं. साथ में कांग्रेस (congress) में वापसी और टिकट मिला तो विधानसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया था.

आज भोपाल में पार्टी के प्रदेश कार्यालय मंत्री सत्येंद्र भूषण की ओर से जारी आधिकारिक लैटर में कहा गया कि प्रेमचंद गुड्डू की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया जाता है. पार्टी ने 19 मई 2020 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इसका जवाब अब तक नहीं मिला है. इसे घोर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वी डी शर्मा ने गुड्डू को निष्कासित कर दिया है.

सिंधिया-सिलावट पर दिया था बयान
ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी सिलावट के खिलाफ बयानबाजी के आरोप में बीजेपी संगठन की ओर से प्रेमचंद गुड्डू को नोटिस जारी किया गया था. नोटिस का जवाब देते हुए प्रेमचंद गुड्डू ने एक चिट्ठी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को भेजी थी.उन्होंने उस चिट्ठी में लिखा था कि वह बीजेपी से 9 फरवरी को ही इस्तीफा दे चुके हैं. इसमें उन्होंने एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी सिलावट पर निशाना साधा था. प्रेमचंद ने लिखा था कि वह फरवरी में ही यह समझ गए थे कि बीजेपी कांग्रेस की सरकार को गिरा देगी. ऐसे वक्त में भी जब पूरा देश कोरोना महामारी की चपेट में था इस राजनीतिक उठापटक में उन्होंने इस्तीफा देना ही बेहतर समझा.



बीजेपी का रिएक्शन


. बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि प्रेमचंद गुड्डू का कोई भी इस्तीफा प्रदेश संगठन को नहीं मिला है. अगर वह इस्तीफा भेजते हैं तो फिर उस पर संगठन फैसला लेगा. फिलहाल प्रेमचंद गुड्डू को 7 दिन का नोटिस जारी किया गया है और पार्टी उनके नोटिस के जवाब का इंतजार करेगी इसके बाद उनके खिलाफ क्या कार्यवाही की जाना है यह तय किया जाएगा.

क्या है मामला ?
करीब 30 साल तक कांग्रेस में रहे पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था. चुनाव में उनके बेटे को बीजेपी से टिकट मिला लेकिन वह चुनाव हार गए. अब जबकि उपचुनाव की आहट है तो फिर प्रेमचंद गुड्डू के सांवेर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की अटकलें चल रही हैं. यहां से तुलसी सिलावट विधानसभा चुनाव जीते थे. अब प्रेमचंद गुड्डू तुलसी सिलावट और ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने सिलावट को चुनाव में हराने का सार्वजनिक तौर पर बयान दिया था जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें नोटिस जारी किया था.

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