MP में प्राइवेट अस्पताल आउट ऑफ कंट्रोल : न कैशलेस सुविधा न आयुष्मान कार्ड, बिल चुकाने के लिए गहने गिरवी रख रहे हैं मरीज़

प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ एक हफ्ते में ऐसी 200 से ज़्यादा शिकायतें आयी हैं.

प्राइवेट अस्पतालों के खिलाफ एक हफ्ते में ऐसी 200 से ज़्यादा शिकायतें आयी हैं.

Bhopal. कोरोना का इलाज कराने और अस्पतालों का भारी भरकम बिल अदा करने के लिए प्रदेश में 50 दिन में 6000 लोगों ने गोल्ड लोन लिया. भोपाल में 490 से ज्यादा लोगों ने गोल्ड लोन लिया.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (MP) के प्राइवेट अस्पताल (Private hospitals) आउट ऑफ कंट्रोल हो गए हैं. उनकी खुली मनमानी के कारण मरीज परेशान हैं. मेडिक्लेम होने के बावजूद अस्पतालों में कैशलेस सुविधा नहीं दी जा रही है. इतना ही नहीं जिन अस्पतालों को अधिकृत किया गया है वहां पर आयुष्मान कार्ड भी नहीं लिया जा रहा है. ऐसे में मजबूर लोग अब नगद पैसों की जुगाड़ में अपने जेवर गिरवी रख रहे हैं.

सोना गिरवी रखने पर मजबूर लोग

कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोग गोल्ड लोन लेने के लिए मजबूर हैं. प्रदेश में 50 दिन में मेडिकल कारणों से 6000 लोगों ने  गोल्ड लोन लिया. भोपाल में 490 से ज्यादा लोगों ने गोल्ड लोन लिया. कोरोना का इलाज कराने और अस्पतालों का भारी भरकम बिल अदा करने के लिए लोगों ने अपने सोने के गहने ब्रेसलेट, कड़े, पेंडल, हार, झुमके से लेकर मंगलसूत्र तक गिरवी रखकर लोन लिया. कोरोना के इलाज में मेडिक्लेम कैशलेस नहीं होने की वजह से लोगों की यह मजबूरी बन गई है.

एक सप्ताह में 200 से ज्यादा शिकायतें
भोपाल में आयुष्मान योजना के मामलों में एक सप्ताह में 200 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं. भोपाल के 161 प्राइवेट और 11 सरकारी अस्पताल आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए अधिकृत हैं. शासन ने 5 मई को 68 निजी अस्पतालों की सूची जारी कर कोविड इलाज का अधिकार उन्हें दिया था. इसके बावजूद अस्पताल वाले आयुष्मान कार्ड के तहत गरीब मरीज़ों का इलाज नहीं कर रहे हैं. मरीज के परिवारों के लिए भोपाल में नियुक्त 18 आयुष्मान मित्रों की भी कोई मदद नहीं मिल रही है. आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिलने पर 181, 1075 आयुष्मान भारत हेल्पलाइन 14555, टोल फ्री नंबर 1800 233 2 085 पर लगातार शिकायत आ रही हैं.


विधिक सेवा प्राधिकरण एक्शन में



अस्पतालों में कैशलेस सुविधा न देने की शिकायतों को भोपाल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने गंभीरता से लिया है. इस मामले में सुनवाई करते हुए पीड़ितों को राहत देने का निर्णय लिया गया है. अब ऐसे पीड़ितों को प्राधिकरण कानूनी सहायता देगी. ऐसे मामलों के पीड़ित पक्ष ईमेल आईडी dlsabhopal@gmail.com, वॉट्सएप नम्बर 9981598778 पर शिकायत कर सकते हैं. प्राधिकरण की ओर से बनायी गयी स्थाई लोक अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ऐसे मामलों की सुनवाई की जाएगी. सुनवाई के बाद प्राधिकरण कानून के तहत आदेश देगा.

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