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मध्य प्रदेश बीजेपी के किस वरिष्ठ नेता ने की साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई की मांग?

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 28, 2019, 4:16 PM IST
मध्य प्रदेश बीजेपी के किस वरिष्ठ नेता ने की साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई की मांग?
बीजेपी के इस वरिष्ठ नेता ने साध्वी प्रज्ञा को अपनी वाणी पर संयम रखने की सलाह दी है

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के हत्यारे नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) को देशभक्त बताने वाली बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा (Sadhvi Pragya) के खिलाफ अब पार्टी के अंदर ही आवाज़ उठने लगी है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद रघुनंदन शर्मा ने कहा है कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने पर साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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भोपाल. बीजेपी के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा (Raghunandan sharma) की मानें तो साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त (Patriot) बताने की गलती दूसरी बार की है. रघुनंदन शर्मा ने साध्वी प्रज्ञा को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपनी वाणी पर संयम रखने की ज़रुरत है और अनावश्यक मुद्दों पर उन्हें नहीं बोलना चाहिए. जनता ने अपना मत देकर उन्हें चुना है और इस देश में गांधी के हत्यारे को महिमामंडित नहीं किया जा सकता. रघुनंदन शर्मा ने ये भी कहा कि बीजेपी (BJP) में साध्वी प्रज्ञा का बयान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

'केंद्रीय आलाकमान को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए'
साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं किए जाने के सवाल पर रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सांसद के खिलाफ फैसला केंद्रीय स्तर पर होता है केंद्रीय आलाकमान को उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए. आपको बता दें कि रघुनंदन शर्मा बीजेपी के अंदर उन वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं जो बड़े से बड़े नेता के खिलाफ भी मुखर होकर बेबाकी से अपनी बात रखते हैं. साध्वी प्रज्ञा के मुद्दे पर जब ज्यादातर प्रदेश बीजेपी के नेताओं ने चुप्पी साध ली है रघुनंदन शर्मा ने खुलकर साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

News - रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सांसद के खिलाफ फैसला केंद्रीय स्तर पर होता है
रघुनंदन शर्मा ने कहा कि सांसद के खिलाफ फैसला केंद्रीय स्तर पर होता है


अनुशासन समिति ने नहीं की कार्रवाई
ऐसा पहली बार नहीं है जब साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दिया हो. इससे पहले भी वो नाथूराम गोडसे को देशभक्त करार दे चुकी हैं. तब उनके बयान पर पीएम मोदी ने भी नाराजगी जाहिर की थी और उनके मामले को केंद्रीय अनुशासन समिति को भेजा गया था लेकिन उसके बाद अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसी बीच जब बीजेपी के विचार विभाग के प्रमुख रहे अनिल सौमित्र ने गांधी जी को लेकर सोशल मीडिया में लिखा तो उनके खिलाफ तुरंत एक्शन लेते हुए सस्पेंड कर दिया गया. केंद्रीय अनुशासन समिति की ओर से साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के चलते ही प्रदेश बीजेपी संगठन उनके खिलाफ अक्सर बोलने से बचता रहा है. यहां तक कि साध्वी प्रज्ञा बीजेपी की उस गांधी संकल्प यात्रा में भी शामिल नहीं हुईं जिसमें सभी सांसदों को शामिल होना पार्टी ने अनिवार्य किया था.

अचानक सुर्खियों में आई थीं साध्वी प्रज्ञा
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बात तब की है जब लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने भोपाल सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था. दिग्विजय सिंह के खिलाफ बीजेपी की ओर से तमाम दावेदारों के नाम सामने आए लेकिन अचानक से एक नाम भिंड के लहार की रहने वाली साध्वी प्रज्ञा का सुर्खियों में आया और बीजेपी ने पार्टी सदस्य न होने के बावजूद उन्हें भोपाल से अपना चेहरा बना लिया. उस दौरान भी साध्वी प्रज्ञा को उम्मीदवार बनाए जाने पर बीजेपी के अंदर नाराजगी सुर उठे थे लेकिन केंद्रीय आलाकमान की मंशा के आगे ये बौने साबित हुए.

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First published: November 28, 2019, 4:05 PM IST
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