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शिखर सम्मान में पिछली सरकारों पर राहत इंदौरी का तंज- 'मुझ तक आते-आते 70 साल लग गए'

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 18, 2019, 11:28 PM IST
शिखर सम्मान में पिछली सरकारों पर राहत इंदौरी का तंज- 'मुझ तक आते-आते 70 साल लग गए'
शायर राहत इंदौरी ने कहा कि सरकारें मुझे कभी भी पसंद नहीं करती हैं

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 3 साल के बाद हुए राज्य शिखर सम्मान समारोह में मशहूर शायर राहत इंदौरी (Rahat Indori) ने जहां पिछली सरकारों पर तंज कसा वहीं कमलनाथ सरकार की तारीफ भी की. संस्कृति मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने भी राहत इंदौरी की बात का समर्थन किया.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) के भारत भवन (Bharat Bhawan) में राज्य शिखर सम्मान (Shikhar samman) का आयोजन किया गया. इस अलंकरण समारोह की मुख्य अतिथि संस्कृति विभाग की मंत्री डॉक्टर विजयलक्ष्मी साधो (Vijay Laxmi Sadho) रहीं. उन्होंने साहित्यकार और कलाकारों का सम्मान किया. ये सम्मान साल 2016, 2017 और 2018 के लिए दिए गए.

पिछली सरकारों पर उठाए सवाल
इस मौके पर राहत इंदौरी ने पिछली सरकारों पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सरकारी सम्मान को मुझ तक आते-आते 70 साल लग गए. मैं अपने आपको सम्मानित महसूस कर रहा हूं, उन लोगों के साथ मुझे भी शुमार किया, जो पहले से सम्मानित और महान हैं. उन्होंने आगे कहा कि सरकारें मुझे कभी भी पसंद नहीं करती हैं.

कमलनाथ सरकार की तारीफ 

उन्होंने कमलनाथ सरकार की तारीफ करने से पहले एक शायरी पढ़ी और कहा कि,
'एक हुकूमत है, जो इनाम भी दे सकती है. एक कलंदर है, जो इंकार भी कर सकता है.'
इस शायरी के बाद उन्होंने सम्मान देने को लेकर कमलनाथ सरकार की तारीफ की और कहा कि इस बार सरकार की नियत देखी. सरकार की नियत बिल्कुल सही है, इसलिए मैंने ये सम्मान कबूल किया.
News - मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने कहा कि बहुत दिनों के बाद सृजन को सम्मानित किया गया है, Vijaylaxmi sadho
मंत्री विजयलक्ष्मी साधो ने कहा कि बहुत दिनों के बाद सृजन को सम्मानित किया गया है


साधो ने बीजेपी पर साधा निशाना
राहत इंदौरी की बात का समर्थन करते हुए संस्कृति विभाग की मंत्री साधो ने कहा कि बहुत दिनों के बाद सृजन को सम्मानित किया गया है. मुझे दुख होता है कि पिछले कई सालों से संस्कृति विभाग के सम्मान को नहीं दिया गया. अब 3 साल का एकट्ठा सम्मान देना पड़ रहा है.

इनका हुआ सम्मान
इस अलंकरण समारोह में शास्त्रीय नृत्य के लिए विभा दाधीच, डॉक्टर सुचित्रा हरमलकर, डॉक्टर लता सिंह मुंशी, हिंदी साहित्य के लिए स्वयं प्रकाश, नरेंद्र जैन, शशांक, उर्दू साहित्य के लिए डॉक्टर मुजफ्फर हनफी, डॉक्टर राहत इंदौरी, प्रोफेसर सादिक अली, संस्कृत साहित्य के लिए डॉक्टर राधावल्लभ त्रिपाठी, प्रोफेसर भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी, डॉक्टर कृष्णकांत चतुर्वेदी, शास्त्रीय संगीत के लिए पंडित सिद्धराम स्वामी कोरवार, पंडित किरण देशपांडे, पंडित विजय घाटे, रूपंकर कलाएं के लिए आर सी भावसार, निर्मला शर्मा, सीमा घुरैया, नाटक के लिए पापिया दासगुप्ता, लोकेंद्र त्रिवेदी, कन्हैयालाल कैथवास, आदिवासी लोक कलाओं के लिए ललताराम मरावी, लक्ष्मी त्रिपाठी, लाडो बाई और दुर्लभ वाद्य वादन के लिए मैहर वाद्य वृन्द, सुविर मिश्र, संजय पंत आगले को सम्मानित किया गया.

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First published: November 18, 2019, 11:01 PM IST
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