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  नाबालिग लड़कियों की तस्करी के लिए बदनाम इस गांव में पड़ा छापा, 4 अनजान बच्चियां बरामद

ग्वालियर का बदनापुर गांव नाबालिग लड़कियों की तस्करी के लिए बदनाम है

ग्वालियर का बदनापुर गांव नाबालिग लड़कियों की तस्करी के लिए बदनाम है

Gwalior News. बदनपुरा गांव में 3 बच्चियां मिली थीं जिनके दस्तावेज नहीं मिले थे. आरोप ह्यूमन ट्रैफिकिंग के थे. इसके बाद ...अधिक पढ़ें

ग्वालियर. ग्वालियर में रेड लाइट एरिया के नाम से बदनाम बदनापुर में आज पुलिस प्रशासन की टीम ने ऑपरेशन शक्ति शुरू किया. क्राइम ब्रांच पुलिस और जिला प्रशासन की करीब 15 सदस्य की टीम यहां पहुंची और घर घर दबिश देकर वहां मौजूद नाबालिग लड़कियों के दस्तावेज़ खंगाले. 24 घंटे में इस गांव में 4 अनजान नाबालिग लड़कियां बरामद हुई हुई हैं.

इस गांव में अन्य राज्यों की लड़कियों के खरीद फरोख्त के मामले सामने आए थे. क्राइम ब्रांच ने 2 कियोस्क संचालकों को भी गिरफ्तार किया है, जो इन नाबालिग लड़कियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे.

घर घर दबिश
बदनपुरा गांव में 3 बच्चियां मिली थीं जिनके दस्तावेज नहीं मिले थे. आरोप ह्यूमन ट्रैफिकिंग के थे. इसके बाद पुलिस और प्रशासन सतर्क हुआ. उसने यहां आज ऑपरेशन शक्ति शुरू किया. क्राइम ब्रांच की महिला अधिकारी के साथ पूरी टीम घर-घर दस्तक दे रही है. यहां हर घर में बच्चियों के आधार कार्ड जन्म प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. साथ ही इनके दस्तावेजों की फोटो कॉपी क्राइम ब्रांच अपने पास जमा कर रही है. जानकारी यह भी मिली है कि फर्जी आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट तैयार कराए गए हैं. इन दस्तावेजों के जरिए गांव के लोग बाहर से खरीद फरोख्त कर लाई गई लड़कियों को अपनी बेटियां साबित कर पुलिस से बचते रहे हैं. क्राइमब्रांच अफसर अमित ने बताया कि 24 घंटे में क्राइमब्रांच ने गांव से 4 नाबालिग लड़कियां बरामद की हैं जिनके दस्तावेज घर वालों के पास नही मिले हैं.

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कियोस्क संचालक गिरफ्तार
बदनापुरा के लोग ग्वालियर के आनंद नगर में एक कियोस्क सेंटर से दस्तावेज बनवाते थे. पुलिस ने कियोस्क सेंटर से सोनू खान और प्रेरणा मिश्रा नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया है. यहां 50 ज्यादा जाली और संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं. बदनापुरा के भी पांच दस्तावेज शामिल हैं. पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यहां सिर्फ 500 रुपए में जाली दस्तावेज को बनाए जाते थे. ये लोग महज़ 500 रुपये में  नगर निगम जैसा फर्जी दस्तावेज बनाकर दे देते थे. पुलिस ने इस सेंटर से एक मशीन भी जब्त की है. साथ ही बड़ी मात्रा में नकली बर्थ सर्टिफिकेट, वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि मिले हैं.

Tags: Gwalior news, Human Trafficking Case

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