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भोपाल स्टेशन पर 'एक उपन्यास' देख नाराज़ हुए रेलवे के बड़े अफसर, दी ये हिदायत

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 21, 2019, 6:47 PM IST
भोपाल स्टेशन पर 'एक उपन्यास' देख नाराज़ हुए रेलवे के बड़े अफसर, दी ये हिदायत
भोपाल स्टेशन पर एक उपन्यास देख नाराज़ हुए रेलवे के बड़े अफसर, दी ये हिदायत

यात्री सेवा समिति रेलवे बोर्ड (Passenger Service Committee Railway Board) के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न (Ramesh Chandra Ratna) को स्टेशन पर और भी कई खामियां दिखाई दीं. वो और उनके साथ पूरी टीम स्टेशन पर दाख़िल हो ही रही थी कि उन्हें मेन गेट का पत्थर हिलता दिखाई दिया

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भोपाल. यात्री सेवा समिति रेलवे बोर्ड (Passenger Service Committee Railway Board) के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न (Ramesh Chandra Ratna) भोपाल रेलवे स्टेशन (Bhopal Railway Station) पर बिक रहा एक उपन्यास देख भड़क उठे. ये उपन्यास प्रसिद्ध लेखक, स्तंभकार और उपन्यासकार मरहूम खुशवंत सिंह (khushwant singh) का था. शाह के मुताबिक उपान्यास अश्लील है, इस तरह के उपान्यास स्टेशन पर नहीं बेचे जाने चाहिए.

यात्री सेवा समिति रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न भोपाल दौरे पर आए. वो भोपाल रेलवे स्टेशन पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने निकले. प्लेटफॉर्म पर घुसते ही उनकी नज़र एक स्टॉल पर बिक रहे उपन्यास पर पड़ गयी. ‘औरतें, सेक्स, लव और लस्ट’ शीर्षक का ये उपन्यास प्रसिद्ध लेखक स्व. खुशवंत सिंह का था. रमेश चंद्र रत्न के मुताबिक उपन्यास अश्लील है और इस तरह की सामग्री स्टेशन पर नहीं बेची जानी चाहिए. उन्होंने तत्काल स्टॉल मालिक को वो उपन्यास हटाने के लिए कहा और अफसरों को भी हिदायत दी कि आगे से किसी भी तरह का अश्लील साहित्य स्टेशन पर ना बेचा जाए.



हिल रहा था पत्थर

यात्री सेवा समिति रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न को स्टेशन पर और भी कई खामियां दिखाई दीं. वो और उनके साथ पूरी टीम स्टेशन पर दाख़िल हो ही रही थी कि उन्हें मेन गेट का पत्थर हिलता दिखाई दिया. इस पर रमेश चंद्र रत्न ने ख़ासी नाराज़गी जताई. उन्होंने अफसरों से नाराज़गी जताई और कहा इस तरह की लापरवाही के कभी भी हादसा हो सकता है.उन्होंने तुरंत पत्थर ठीक करने का आदेश दिया. स
खाने का बिल नहीं
यात्री सेवा समिति रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न उसके बाद खान-पान के स्टॉल पर गए. यहां उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि वो ग्राहकों को बिल देते हैं या नहीं. इस पर कर्मचारी कोई जबाब नहीं दे पाए. रमेशचंद्र ने यहां भी कर्मचारियों को झिड़का और कहा ग्राहकों को बिल ज़रूर दिया जाए. हिसाब-किताब दुरुस्त रखा जाए. (भोपाल से रिपोर्टर पूजा माथुर का इनपुट)ये भी पढ़ें-मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल : आज भोपाल में तय होगी रणनीति

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First published: November 21, 2019, 11:56 AM IST
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