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राजगढ़ थप्पड़ कांड: पूर्व IFS अफसर ने कलेक्टर की आलोचना की, CM कमलनाथ को लिखी चिट्ठी
Bhopal News in Hindi

Sharad Shrivastava | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 27, 2020, 5:16 PM IST
राजगढ़ थप्पड़ कांड: पूर्व IFS अफसर ने कलेक्टर की आलोचना की, CM कमलनाथ को लिखी चिट्ठी
राजगढ़ थप्पड़ कांड : पूर्व आईएफएस अफसर ने सीएम कमलनाथ को भेजी चिट्ठी

डबास का कहना है प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर का बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाना किसी भी तरह से ठीक नहीं था. कलेक्टर से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती.

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भोपाल.राजगढ़ (Rajgarh) कलेक्टर थप्पड़ कांड (Collector Slap Case) के मुद्दे पर रिटायर्ड IFS अफसर आजाद सिंह डबास ने सीएम कमलनाथ (cm kamalnath) को एक चिट्ठी लिखी है. करीब तीन पेज की इस चिट्ठी में डबास ने बीजेपी (bjp) की CAA के समर्थन में तिरंगा यात्रा के दौरान कलेक्टर निधि निवेदिता (Nidhi nivedita) के एक्शन पर सवाल खड़े किए हैं. डबास का कहना है प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर का बीजेपी कार्यकर्ताओं पर हाथ उठाना किसी भी तरह से ठीक नहीं था. कलेक्टर से ऐसे आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती.

आजाद सिंह डबास ने चिट्ठी में ये भी लिखा है कि सीएम के सामने अपने नंबर बढ़ाने के चक्कर में कुछ अधिकारी पहले की सरकार में भी ऐसा कर रहे थे और आज भी ऐसा कर रहे हैं. उन्होंने चिट्ठी में पहले की कुछ घटनाओं का भी जि़क्र किया है जिसमें अधिकारियों के गलत रवैये के कारण स्थिति बेकाबू हुई और फिर उसका खामियाजा आम लोगों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक को उठाना पड़ा. डबास ने अपनी चिट्ठी में सीएम कमलनाथ को सुझाव दिया कि उन्हें नए अधिकारियों की विशेष बैठक बुलानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. कुछ कलेक्टर्स की नासमझी की वजह से प्रदेश का विकास न रुके.

क्या लिखा है चिट्ठी में ?
सीएम कमलनाथ को भेजी चिट्ठी में आज़ाद सिंह डबास ने लिखा है कि राजगढ़ ब्यावरा में बीजेपी की रैली रोकने के लिए कलेक्टर ने एक बीजेपी नेता को थप्पड़ मारा और पूर्व विधायक को कॉलर पकड़कर खींचा. डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा की भी भीड़ में घुसकर थप्पड़ मारने की खबरें सामने आयीं. मेरे मुताबिक कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर का यह कृत्य किसी भी तरीके से सही नहीं कहा जा सकता. धारा 144 का पालन कराने में कलेक्टर को ऐसा करने की आवश्यकता नहीं थी. अगर ऐसी परिस्थिति की नौबत आयी ही थी तो इसके लिए अधीनस्थ पुलिस का अमला मौजूद था.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
डबास ने आगे लिखा,यहां उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के मामले में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए लगभग 10 दिन पहले सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि धारा 144 का प्रयोग किसी के विचारों को दबाने के लिए नहीं किया जा सकता. इसके लिए जरूरी वजह होना चाहिए.मैं यहां यह विशेष तौर पर अनुरोध करना चाहता हूं कि अगर 19 तारीख को भीड़ कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर पर पलटवार कर हिंसक कार्रवाई कर देती तो प्रशासन की क्या साख रह जाती. कलेक्टर को अपने व्यवहार पर लेने के देने पड़ सकते थे. गनीमत है कि भीड़ ने ऐसा नहीं किया. अन्यथा गोली चलाने की नौबत भी आ सकती थी.

पुराना वाकया याद दिलायाआज़ाद सिंह डबास ने आगे लिखा गौरतलब है कि आज विपक्ष में बीजेपी जैसी एक ऐसी पार्टी है जो मॉब लिंचिंग के लिए कुख्यात है.यहां यह भी गौरतलब है कि 1975 में बालाघाट जिले में तत्कालीन कलेक्टर और एसपी एसपी ऐसा दंश झेल चुके हैं. उस प्रकरण में भीड़ ने थानेदार और एक सब-इंस्पेक्टर को कलेक्टर और एसपी के सामने थाने में जिंदा जला दिया था.

 पुरानी घटनाओं का ज़िक्र
आजाद सिंह डबास ने अपनी चिट्ठी में बीजेपी शासन के दौरान कलेक्टरों के आपत्तिजनक व्यवहार का भी जिक्र किया है.

1- स्वाति मीणा ने साल 2016 में खंडवा कलेक्टर रहने के दौरान दशहरे के मौके पर शस्त्र पूजन के बाद हवाई फायर किए थे. नवंबर में भोपाल जेल ब्रेक के कुछ दिनों बाद खंडवा में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दोबारा लाठी लेकर सड़कों पर उतरीं.

2-छवि भारद्वाज जबलपुर कलेक्टर रहते हुए मूर्ति विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा को नियंत्रित करने के लिए खुद लाठी लेकर फील्ड में उतरीं.

3-प्रीति मैथिल ने रीवा कलेक्टर रहते हुए सुरक्षाकर्मियों से कहा कि ईवीएम के पास कोई नजर आया तो गोली मार देना. यहां कांग्रेस प्रत्याशी ने ईवीएम में छेड़छाड़ की शिकायत की थी.

4-19 दिसंबर 2017 से 22 जनवरी 2018 के बीच आयोजित एकात्म यात्रा के दौरान तत्कालीन मंडला कलेक्टर सूफिया फारूकी बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ शंकराचार्य की चरण पादुका सिर पर रख कर चलती हुई नजर आयी थीं.

5-बीजेपी सरकार के दौरान संकेत भोंडवे तत्कालीन कलेक्टर उज्जैन महाकाल मंदिर के पास बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ धार्मिक जुलूस में झंडा लेकर डांस करते नजर आए थे.

6-मंदसौर जिले में किसानों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्र सिंह की नासमझी के कारण गोली चलाना पड़ा था. उसमें 6 किसानों की मृत्यु हुई. उसी दौरान कलेक्टर के साथ धक्का-मुक्की का वीडियो भी देखने को मिला.

7-कलेक्टर खरगोन के एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने एवं नरसिंहपुर कलेक्टर के एक व्यक्ति को जनसुनवाई के दौरान जेल भिजवाने जैसी खबरें भी प्रकाश में आई हैं.

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First published: January 27, 2020, 5:16 PM IST
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