शिवराज ने अपने दांव से विरोधियों को दिया करारा जवाब, राज्यसभा चुनाव में दिखाया दमखम
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शिवराज ने अपने दांव से विरोधियों को दिया करारा जवाब, राज्यसभा चुनाव में दिखाया दमखम
शिवराज ने अपने दांव से विरोधियों को दिया करारा जवाब, RS चुनाव में दिखाया दमखम. (File Photo)

राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) में वोटिंग करने वाले शिवराज सिंह चौहान का कॉन्फिडेंस लेवल बता रहा था कि राज्यसभा चुनाव में जीत का शंखनाद करने के बाद बीजेपी उपचुनाव में बड़ी जीत को लेकर आश्वस्त है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश की सियासत में हर दिन बदल रहे घटनाक्रम के बीच बीजेपी (BJP) एक बार फिर कांग्रेस पार्टी पर भारी पड़ती हुई नजर आयी. कांग्रेस (Congress) के सत्ता से बेदखली के बाद फ्रंट लाइन पर खेलते हुए शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने एक-एक कर विरोधियों को अपने दावों से चित कर दिया. शिवराज सिंह चौहान ने उपचुनाव की तैयारियों के साथ ही राज्यसभा चुनाव से पहले बड़ा गेम खेलकर कांग्रेस की तैयारियों को बड़ा झटका दिया. राज्यसभा की 2 सीटों पर जीत का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी को बीजेपी ने ना सिर्फ अपने 107 विधायकों के बल पर बल्कि कभी कांग्रेस खेमे में दिखाई देने वाले सपा, बसपा और निर्दलीय विधायकों को भी झटक कर करारा जवाब दिया है.

शिवराज का कॉन्फिडेंस
राज्यसभा चुनाव में सबसे पहले सुबह 9:00 बजे विधानसभा में वोटिंग करने वाले शिवराज सिंह चौहान का कॉन्फिडेंस लेवल बता रहा था कि राज्यसभा चुनाव में जीत का शंखनाद करने के बाद बीजेपी उपचुनाव में बड़ी जीत को लेकर पूरी तरीके से आश्वस्त है. दरअसल, बीते कुछ दिनों में न सिर्फ अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेसियों को बीजेपी के पाले में लाने वाले शिवराज सिंह चौहान सफल हुए, बल्कि सपा, बसपा और निर्दलियों को भी मनाकर अपने साथ ले आए. कांग्रेस को उम्मीद थी कि राज्यसभा चुनाव में सपा-बसपा भले ही उसका साथ न दे, लेकिन निर्दलीय विधायक उसके साथ रहेंगे. बीजेपी की डिनर डिप्लोमेसी में शामिल हुए सपा-बसपा- निर्दलीय विधायकों ने साफ संकेत दे दिए कि अब उनकी कांग्रेस से दूरी बढ़ गई है.  इन विधायकों के बीजेपी के करीब जाने पर उपचुनाव पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा.

बसपा ने ताल ठोकी
बसपा पहले ही प्रदेश की सभी 24 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है. ऐसे में बीएसपी के 2 विधायकों के बीजेपी के करीब जाने पर कांग्रेस की मुश्किलें उपचुनाव में बढ़ सकती हैं.



शिवराज के संकटमोचक
प्रदेश के गृह और स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा सरकार के लिए ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं. बीजेपी जब भी मुश्किल में होती है तो प्रदेश बीजेपी के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा संकटमोचक बनकर आ जाते हैं. कहा जा रहा है कि कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने और बीजेपी की वापसी में नरोत्तम मिश्रा का बड़ा रोल था. लेकिन, अब बदले सियासी समीकरण में चुनाव से पहले सपा-बसपा-और निर्दलियों को साधने की जिम्मेदारी भी नरोत्तम मिश्रा के ऊपर थी. बीते कुछ दिनों में इन विधायकों ने नरोत्तम मिश्रा से उनके निवास पर मुलाकात की थी. उसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थी कि ये सभी विधायक अब कांग्रेस के हाथ से बाहर निकल कर बीजेपी के बैनर तले खड़े दिखाई देंगे. उसमें बड़ा रोल नरोत्तम मिश्रा का रहा है. यही कारण है कि उपचुनाव से पहले राज्यसभा चुनाव में विधायकों की बड़ी संख्या जुटाकर बीजेपी ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है. शिवराज इसके सूत्रधार हैं.
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