साइकिल से 24 किमी स्कूल आने-जाने वाली रौशनी अब होंगी महिला-बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसडर
Bhind News in Hindi

साइकिल से 24 किमी स्कूल आने-जाने वाली रौशनी अब होंगी महिला-बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसडर
भिंड की होनहार छात्रा रौशनी भदौरिया अब होंगी MP की ब्रांड एंबेसडर

रौशनी (roshni bhadoria) ने दसवीं बोर्ड (10th board) की परीक्षा में 98.75 अंक हासिल कर प्रावीण्य सूची में आठवीं रैंक पाई थी. उसका सपना प्रशासनिक सेवा में अपना करियर बनाने का है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 14, 2020, 10:26 AM IST
  • Share this:
भोपाल. भिंड की होनहार छात्रा रौशनी भदौरिया (roshni bhadoria) को मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपना ब्रांड एंबेसेडर बनाया है. वही रौशनी जो पढ़ाई करने के लिए रोज 12 किमी दूर स्थित स्कूल जाती थीं. रौशनी ये सफर साइकिल से तय करती थीं. इस साल एमपी बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में उसने 98.75 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं.

भिंड ज़िले की होनहार छात्रा रौशनी भदौरिया की अब एक और नयी पहचान होने जा रही है. वो अब महिला एवं बाल विकास विभाग की ब्रांड एंबेसेडर होंगी. भिंड के छोटे-से गांव अजनोल की रहने वाली रौशनी की कहानी प्रेरणा देने वाली है. इस छात्रा में पढ़ाई की ऐसी लगन है कि वो रोज बिना नागा स्कूल जाती थी. परेशानी ये थी कि उसका स्कूल गांव से 12 किमी दूर था. यानि रोज आने-जाने का मिलाकर 24 किमी का सफर वो तय करती थी. रौशनी रोज साइकिल से स्कूल जाती थी. उसकी लगन और मेहनत का ही परिणाम था कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में रौशनी ने 98.75 प्रतिशत अंक हासिल किए थे

आठवीं रैंक हासिल की थी
रौशनी ने दसवीं बोर्ड की परीक्षा में 98.75 अंक हासिल कर प्रावीण्य सूची में आठवीं रैंक पाई थी. उसका सपना प्रशासनिक सेवा में अपना करियर बनाने का है. वो सिविल सर्विस की परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनना चाहती है.
बस की सुविधा नहीं थी


रौशनी का ये सफर आसान नहीं था. उसने आठवीं तक जिस स्कूल से पढ़ाई की वहां तक आने-जाने के लिए बस थी, लेकिन उसके बाद रौशनी ने नौवीं में मेहगांव के सरकारी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में दाखिला ले लिया. यह स्कूल अजनोल गांव से 12 किलोमीटर दूर है. वहां आने-जाने के लिए बस या कोई और साधन नहीं था. लेकिन रौशनी ने हार नहीं मानी. पिता ने साइकिल दिला दी और रौशनी रोज साइकिल से स्कूल आने-जाने लगी.रौशनी के पिता पेशे से किसान हैं.परिवार में उसके सिवाय दो भाई और मां हैं. (भोपाल से शरद श्रीवास्तव और भिंड से अनिल शर्मा का इनपुट)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading