हड़ताल का तीसरा दिन: भगवान के बाद हेल्थवर्करों ने अब जनता जनार्दन को सुनाया दुखड़ा

हड़ताल के तीसरे दिन भोपाल में प्रदर्शन करते स्वास्थ्यकर्मी.

हड़ताल के तीसरे दिन भोपाल में प्रदर्शन करते स्वास्थ्यकर्मी.

हज़ारों हड़ताली स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगें नहीं सुनीं तो वे जनता को बता रहे हैं. वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ (Kamal Nath) ने इन कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में प्रदेश सरकार से अपील की.

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भोपाल. मध्यप्रदेश में 19 हज़ार से ज़्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार को विरोध प्रदर्शन का एक और तरीका निकाला. कर्मचारियों ने मंगलवार को ज़िला मुख्यालयों पर थाली और शंख बजा कर प्रदर्शन किया था. आज सभी ज़िला मुख्यालयों के अस्पताल परिसर में आम लोगों और मरीज़ों को मास्क, सेनेटाइज़र, खाद्य सामग्री बांटकर मांग पत्र दिए गए. इन कर्मचारियों का कहना है कि ज़िम्मेदारों ने मांगों पर कान नहीं दिया इसलिए अब लोगों को मांगें बताई जा रही हैं.

भोपाल के जेपी अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों ने आज अनोखा प्रदर्शन किया. उन्होंने अस्पताल परिसर में आने वाले आम लोगों और मरीज़ों को मास्क, सैनिटाइजर और कुछ खाद्य सामग्री बांटते हुए अपनी मांगें बताने वाला एक परचा भी दिया. इस दौरान उन्होंने लोगों को अपनी परेशानी और समस्याएं बताईं.

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भगवान के बाद जनता की शरण
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की तरफ से मांगों पर विचार और कोई पहल नहीं की जा रही है. 'ज़िम्मेदार लोग मुलाकात तक को तैयार नहीं हैं. ऐसे में, सबसे पहले मंदिरों में भगवान को ज्ञापन दिया गया था और अब आम जनता को अपनी समस्या बता रहे हैं.'

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विरोध प्रदर्शन करती एक स्वास्थ्य कर्मचारी.

कमलनाथ ने लिया हड़तालियों का पक्ष



हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर खासा असर पड़ रहा है. इन स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड वार्ड से लेकर वैक्सीनेशन और कोरोना जांच में लगाई गई थी. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने इन आंदोलनकारी कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया है. नाथ ने प्रदेश सरकार से कहा कि इन कोरोना योद्धाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाकर अस्थायी कर्मचारियों का संविलियन करे.

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गौरतलब है कि स्थायी सेवा और वेतन संबंधी अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने एक हफ्ते पहले से ही इस हड़ताल के बारे में सूचित किया था और शासन के साथ बातचीत विफल होने के बाद चरणबद्ध ढंग से हड़ताल की गई. कोरोना संकट के समय में हज़ारों हेल्थवर्करों की इस हड़ताल के बारे में न्यूज़18 आपको लगातार अपडेट कर रहा है.

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