हमीदिया से रेमडेसिविर इंजेक्शन: अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. चौरसिया से घंटों पूछताछ

हमीदिया अस्पताल के सेंटर ड्रग स्टोर और डी ब्लॉक के कोविड सेंटर के बीच रेमेडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है

हमीदिया अस्पताल के सेंटर ड्रग स्टोर और डी ब्लॉक के कोविड सेंटर के बीच रेमेडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है

Bhopal News: सेंट्रल ड्रग स्टोर से 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक कोविड सेंटर की डिमांड पर 548 इंजेक्शन भेजे गए, लेकिन कोविड सेंटर के स्टोर इंचार्ज को मरीजों के लिए 458 इंजेक्शन ही मिले.

  • Share this:
भोपाल. भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्‍पताल हमीदिया (Hamidia Hospital) से 800 से ज़्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी के मामले में पुलिस ने अस्पताल के पूर्व अधीक्षक आईडी. चौरसिया  से घंटों पूछताछ की. क्राइम ब्रांच पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. इस मामले में डॉ चौरसिया ने बाद में बयान जारी किया और कहा कि अधीक्षक होने के नाते पुलिस ने मुझसे पूछताछ की. मुझे हिरासत में नहीं लिया गया.

हमीदिया अस्पताल से दो दिन पहले रेमडेसिविर के 800 से ज्यादा इंजेक्शन चोरी हो गए थे. ये इंजेक्शन कोरोना मरीज़ों के इलाज में बेहद कारगर साबित होते हैं. चोरी के इस मामले में शक की सुई सोमवार को ही हटाए गए अस्पताल के अधीक्षक आरडी चौरसिया पर है. मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच पुलिस ने सोमवार देर रात चौरसिया से लंबी पूछताछ  की.

इस पूरे मामले में आईडी चौरसिया की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. उम्मीद है कि क्राइम ब्रांच जल्द ही चोरी के इस पूरे मामले का खुलासा कर सकता है. सूत्रों से पता चला है कि क्राइम ब्रांच ने डॉ. आरडी चौरसिया से 5 घंटे से भी ज्‍यादा समय तक पूछताछ की. चौरसिया से एडिशनल एसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों ने सवाल-जवाब किया.

सबूत मिलने का दावा
हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले में शक की सुई डॉ. चौरसिया पर ही आकर रुकी है. चौरसिया अस्पताल के अधीक्षक थे. सोमवार को ही उन्हें पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. लोकेन्द्र दवे को अधीक्षक बनाया गया है. बताया जा रहा है कि चौरसिया के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सबूत मिले हैं. सूत्र बता रहे हैं कि क्राइम ब्रांच को इंजेक्शन का रिकॉर्ड नहीं मिला है. इस मामले में हमीदिया अस्पताल के स्टाफ की मिलीभगत भी उजागर हो रही है.

जांच में खुलासा

मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले में अब जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. हमीदिया अस्पताल में स्थित सेंट्रल ड्रग स्टोर से लेकर कोविड-19 सेंटर के बीच बड़ी धांधली उजागर हुई है. इस मामले में अभी तक 35 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है. यही नहीं रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी के मामले में स्टोर के फार्मासिस्ट पर भी भी शक है. पुलिस को रेमडेसिविर इंजेक्शन के 6 डोज दिल्ली में पहुंचने की जानकारी मिली है. यह डोज अस्‍पताल में भर्ती स्टोर के फार्मासिस्ट के साले को दिए गए थे.





पुलिस ने 35 लोगों से की पूछताछ

इससे पहले भोपाल पुलिस ने स्टोर के फार्मासिस्ट समेत 35 लोगों से पूछताछ की है. पूछताछ में 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिल्ली में भर्ती फार्मासिस्ट के साले को लगने का खुलासा हुआ है. कोविड सेंटर के रिकॉर्ड का मिलान सेंट्रल स्टोर के स्टाफ से नहीं हो रहा है. सेंट्रल ड्रग स्टोर से 10 से 16 अप्रैल तक कोविड सेंटर की डिमांड पर 548 इंजेक्शन भेजे गए, लेकिन कोविड सेंटर के स्टोर इंचार्ज को मरीजों के लिए 458 इंजेक्शन ही मिले. नर्सिंग स्टाफ ने रिकॉर्ड में स्टोर से 850 इंजेक्शन भेजे जाने की बात कही है. ऐसे में हमीदिया अस्पताल के सेंटर ड्रग स्टोर और डी ब्लॉक के कोविड सेंटर के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. चोरी के पीछे अस्पताल के स्टाफ पर पुलिस की शक की सुई है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज