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भोपाल में सड़क हादसों पर लगा ब्रेक : ट्रैफिक पुलिस ने किया ये कमाल

भोपाल में सड़क हादसों में कमी आयी

भोपाल में सड़क हादसों में कमी आयी

साल 2018 में भोपाल में 3508 एक्सीडेंट्स हुए इनमें 327 लोग मारे गए और 3001 लोग घायल हुए. वहीं वर्ष 2019 में भोपाल में 3280 रोड एक्सीडेंट्स हुए इनमें 257 लोगों की मौत और 2588 लोग घायल हुए

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भोपाल. मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में भले ही सड़क हादसों (road accidents) में तेजी से बढ़ोतरी हो रही हो, लेकिन राजधानी भोपाल (bhopal) में एक हद तक ब्रेक (break) लग गया है. खासतौर से रोड एक्सीडेंट में होने वाली मौत और घायलों की संख्या में कमी आयी है. ये भोपाल की ट्रैफिक पुलिस (traffic police) के प्रयास का नतीजा है. ट्रैफिक पुलिस ने शहर के उन ख़तरनाक स्पॉट्स (black spots) की पहचान कर सुरक्षा के इंतज़ाम किए जहां एक्सीडेंट्स ज़्यादा होते थे.

सुप्रीम कोर्ट ने देश में बढ़ रहे रोड एक्सीडेंट्स रोकने के लिए सभी राज्यों को निर्देश जारी किया था. मध्य प्रदेश देश के उन पांच राज्यों में तीसरे नंबर पर था जहां सबसे ज्यादा रोड एक्सीडेंट्स और उनकी वजह से मौतें हो रही हैं. प्रदेश में 18 महीनों में साढ़े अठारह हजार से ज़्यादा लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं. ये आंकड़े सबके लिए चिंता का विषय बने हुए है. इन आंकड़ों से चिंतित भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने इससे निपटने के उपाय किए और अब एक हद तक उसे सफलता मिल भी गयी.

बेहतर प्लानिंग
मध्यप्रदेश में सड़क हादसे रोकने में तो ट्रैफिक पुलिस को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी. लेकिन भोपाल में हालात पहले से बेहतर हुए हैं. ये प्लानिंग 2019 की है. 2019 में सड़क हादसों के आंकड़े राहत देने वाले हैं. भोपाल में सड़क हादसों के साथ मौत और घायलों की संख्या घटी है.राजधानी भोपाल में सड़क हादसों में 6.49 प्रतिशत कमी आई है. इनमें घायल होने वालों की संख्या में 13.76 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 21.40 प्रतिशत कमी आई है.

ब्लैक स्पॉट की प्लानिंग
दरअसल हादसों में ये कमी शहर के उन ख़तरनाक चौराहों और मोड़ों की पहचान से हुई जहां लगातार एक्सीडेंट्स और मौतें हो रही थीं. शहर में ऐसे 9 ब्लैक स्पॉट थे. यहां हादसे रोकने के लिए विशेष इंतज़ाम किए गए. इन ख़तरनाक चौराहों और मोड़ पर बेरिकेड, चैकिंग पॉइंट बनाए गए और पुलिस तैनात की गयी. साथ ही यहां की ट्रैफिक व्यवस्था बदली गयी. नतीजा ये रहा कि 2019 में एक भी व्यक्ति की इन जगहों पर सड़क हादसों में मौत नहीं हुई. जबकि 2018 में 9 लोग मरे थे. डीआईजी इरशाद वली को भरोसा है कि 2020 में राजधानी में एक भी सड़क हादसा नहीं होगा.

सड़क हादसों में कमी के कारण
भोपाल ट्रैफिक पुलिस ने शहर में जागरुकता अभियान भी चलाया. ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से में रेडियम लगवाए और वाहन चालकों पर लगातार नज़र रखी कि वो ट्रैफिक नियमों का पालन करें. गाड़ी धीरे चलाएं. रेड लाइट जम्प ना करें. ओवरटेक करने से बचें. जगह-जगह चैकिंग पॉइंट लगाए गए. शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की गयी. -हेलमेट पहनने के लिए विशेष अभियान चलाया गया. शहर के हर चौराहे और तिराहे पर पुलिस तैनात की गयी.

प्रदेश में हालात चिंताजनक
मध्य प्रदेश में 2019 जनवरी से सितंबर तक 38492 सड़क हादसे हुए. जिनमें 8235 लोगों की मौत और 42088 लोग घायल हुए. 2018 की तुलना में हादसों में मामूली कमी आई है, लेकिन मौत का ग्राफ तेजी से बढ़ा. 2018 के मुकाबले इस साल अब तक 609 रोड एक्सीडेंट कम हुए लेकिन इस दौरान 143 ज़्यादा लोगों की मौत हुई.इसी तरह घायलों की संख्या में 2019 में 219 की कमी आई है.

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