सेक्स वर्कर्स को वैक्सीन लगाने वाले आदेश पर बवाल, कांग्रेस ने कहा- BJP नेताओं की विशेष मांग पर तो नहीं

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जारी सरकार के एक आदेश से बवाल मच गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर जारी सरकार के एक आदेश से बवाल मच गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे से निकले एक आदेश ने बवाल मचा दिया. वैक्सीनेशन (Vaccination) कराने का हवाला देकर प्राथमिकता में सेक्स वर्कर्स को भी शामिल कर दिया गया. इस पर कांग्रेस ने सरकार को घेरना चालू कर दिया.

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भोपाल. मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे ने कोविड से बचने के लिए एक आदेश जारी किया, इसमें वैक्सीनेशन (Vaccination) कराने का हवाला दिया गया था. इसके जारी होते ही बवाल मच गया. आदेश में आखिरी में सेक्स वर्कर को प्राथमिकता से वैक्सीनेशन कराया जाए लिखा हुआ था, इसके बाद आदेश सोशल मिडिया पर जमकर वायरल (social media viral) हो गया, जैसे ही अफसरों तक बात पहुंची तो आदेश को वापस लेकर आनन-फानन उसे बदलकर फिर से नया आदेश जारी कर दिया गया.

कांग्रेस ने तंज करते हुए लिखा- मध्यप्रदेश में सेक्स वर्कर को पहले वैक्सीन. कहीं ये बीजेपी नेताओं की विशेष मांग पर तो नही ? शिवराज जी, वरीयता तय करिये पर लज्जा बनी रहे, वैसे भी अब जनता बीजेपी नेताओं के गिरते चरित्र से भलीभाँति परिचित है.

नए आदेश में सेक्स वर्कर को सैलून वर्कर कर दिया गया है. आदेश स्वास्थ विभाग ने जारी किया था. इस पर कांग्रेस ने सोशल मिडिया पर तंज कसते हुए कहा कि शायद सरकार को अपने नेताओं की चिंता है, इसी वजह से यह आदेश निकाला गया है. दरअसल स्वास्थ विभाग ने आदेश निकाला कि प्रदेश में कोरोना महामारी पर प्रभावशाली ढंग से नियंत्रण करने के लिए उच्च जोखिम समूहों को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन कराया जाना आवश्यक है.

इस समूह में गैस सिलेंडर, किराना, पेट्रोल पंप कर्मचारी, घर में काम करने वाली महिलाएं, सब्जी, गल्ला, वाहन चालक, होटल संचालक, दवा व्यापारी समेत सेक्स वर्कर का कोविड 19 से बचाव के लिए टीकाकरण कराया जाना सुनिश्चित करें. आदेश स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान के आदेश से जारी हुआ था. कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वाह अक्लमंद हुक्मरानों मंत्री समूह की सिफारिश के बाद 100 फीसदी टीकाकरण के लिए जो आदेश जारी हुआ है. शायद यह अनलॉक के बाद अपनी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा का प्रबंध तो नहीं. वाह सरकार.

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