रेत उत्खनन मामला: खनिज विभाग के इन अधिकारियों को NGT ने थमाया अवमानना नोटिस, मांगा जवाब
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रेत उत्खनन मामला: खनिज विभाग के इन अधिकारियों को NGT ने थमाया अवमानना नोटिस, मांगा जवाब
नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है.

एनजीटी के आदेश से 3 मार्च को मध्य प्रदेश में सरकार के नए ऑक्शन के तहत रेत के ठेके लेने वाली कंपनियों को बड़ा झटका लगा था. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल ने 'नये एनवायरमेंट क्लीयरेंस' नहीं मिलने की वजह से इन कंपनियों के रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में रेत उत्खनन मामले में एनजीटी (NGT) ने खनिज विभाग के तत्कालीन पीएस नीरज मंडलोई और निदेशक विनीत ऑस्टिन को अवमानना का नोटिस जारी किया है. एनजीटी के सीनियर वकील सचिन वर्मा ने न्यूज 18 को बताया कि नोटिस का एक जून को जवाब देना है. 3 मार्च के एनजीटी के आदेश को अपने हिसाब से व्याख्या कर खनिज विभाग ने उत्खनन पर रोक नहीं लगाई थी. जबकि एनजीटी ने विभाग को कंपनियों को नई ईसी (इन्वायरमेंट  क्लीयरेंस) लेने के बाद ही उत्खनन करने की अनुमति देने की बात कही थी. एनजीटी ने बिना नई ईसी के रेत उत्खनन पर रोक लगाई थी.

एनजीटी ने लगाई थी रोक

एनजीटी के आदेश से 3 मार्च को मध्य प्रदेश में सरकार के नए ऑक्शन के तहत रेत के ठेके लेने वाली कंपनियों को बड़ा झटका लगा था. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सेंट्रल जोनल बेंच भोपाल ने 'नये एनवायरमेंट क्लीयरेंस' नहीं मिलने की वजह से इन कंपनियों के रेत खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी. वकील सचिन वर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेश का गलत इंटरप्रिटेशन लगाकर खनिज विभाग के अधिकारियों ने रोक नहीं लगाई थी. यही कारण है कि एनजीटी ने इसे अवमानना माना है.



पंचायतों को मिला क्लियरेंस अपने नाम किया था
एनजीटी के सीनियर वकील सचिन वर्मा ने बताया कि मध्य प्रदेश में नई रेत नीति के तहत ऑक्शन किए गए थे. इनमें कई बड़ी कंपनियों ने रेत के ठेके लिए. उन्होंने बताया कि नियमों के तहत इन सभी कंपनियों को रेत के खनन से पहले नया एनवायरमेंट क्लीयरेंस लेना चाहिए था, लेकिन इन कंपनियों ने ऐसा नहीं किया और नई रेत नीति के तहत पंचायतों को मिली एनवायरमेंट क्लीयरेंस को अपने नामों पर ट्रांसफर कर लिया, जबकि ऐसा करना नियमों के खिलाफ है. वर्मा ने बताया कि इसी को लेकर ग्रीन एंड ग्रीन लॉयर्स की तरफ से एनजीटी में पिटीशन दायर की गई थी. इसी पिटिशन पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने प्रदेशभर में रेत के उत्खनन पर रोक लगाई थी.

पर्यावरण को होगा नुकसान

सरकार के नए ऑक्शन के बाद जिन कंपनियों को रेत खनन का ठेका मिला था, एनजीटी के 3 मार्च के आदेश के तहत वह रेत का खनन नहीं कर सकते थे. सचिन वर्मा ने बताया कि पुरानी एनवायरमेंट क्लीयरेंस के तहत रेत का खनन करने से पर्यावरण को नुकसान होगा. उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि पुरानी एनवायरमेंट क्लीयरेंस के तहत जिस क्षमता में रेत का खनन हो रहा था. अब उसकी क्षमता में यह संभव नहीं है. जब नई एनवायरमेंट क्लीयरेंस ली जाएगी, तो संबंधित एजेंसी इन सभी बातों का ध्यान रहेगी, ताकि पर्यावरण को किसी भी तरह से नुकसान न हो पाए. वर्मा ने ये भी बताया कि पर्यावरण को कोई नुकसान न हो इसके मद्देनजर एनजीटी ने यह रोक लगाई थी. जब तक रेत ठेका कंपनी नया ईसी लेकर नहीं आएगी, तब तक रेत के खनन पर रोक लगी थी.

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