4 नए शावक देख झूम उठा मप्र का ये टाइगर रिजर्व, क्या अब यहां बढ़ेगा टूरिज्म और रोजगार?

मप्र के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में खुशी का माहौल है. बाघिन ने शावकों को जन्म दिया है.

मप्र के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में खुशी का माहौल है. बाघिन ने शावकों को जन्म दिया है.

मध्य प्रदेश का सतपुड़ा टाइगर रिजर्व. यहां बाघिन ने 4 शावकों को जन्म दिया है. इससे पूरे रिजर्व में खुशी का माहौल है. उन्हें देखने वन मंत्री विजय शाह भी यहां पहुंच गए. आने वाले दिनों में यहां पर्यटन और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है.

  • Last Updated: May 23, 2021, 12:19 PM IST
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होशंगाबाद. सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (Satpura Tiger Reserve) से अच्छी खबर है. यहां एक बाघिन ने एक साथ 4 शावकों को जन्म दिया है, जिससे टाइगर रिजर्व में खुशी का माहौल है. चारों बच्चे स्वस्थ हैं. इस दौरान वन मंत्री कुंवर विजय शाह ने भी STR का दौरा किया और तस्वीरें लीं.

गौरतलब है कि STR के गांवों में विस्थापन तथा सुरक्षा बढ़ने के बाद बाघों की संख्या बढ़ रही है. दरअसल, हाल ही में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया है. वन मंत्री विजय शाह ने इसी सिलसिले में यहां पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने अगामी तैयारियों का जायजा लिया.

मंत्री ने दी बधाई- कहा रोजगार बढ़ेगा

वन मंत्री विजय शाह ने अधिकारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि विश्व धरोहर की संभावित सूची में सतपुड़ा टाईगर रिजर्व को शामिल करने से पर्यटकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. विश्व धरोहर बनने के साथ प्रबंधन की जिम्मेदारियां और बढ़ जाएंगी.
सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

वन मंत्री ने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैव विविधता से समृद्ध है. यहां देसी-विदेशी पक्षियों की 225 से अधिक प्रजातियां, 1450 वनस्पतियां पाई जाती हैं. उन्होंने कहा कि बायोस्फीयर रिजर्व के रूप में भी सतपुरा टाइगर रिजर्व दर्ज है. आगामी समय में यहां सैलानियों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे ना केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि रिजर्व नए आयाम स्थापित करेगा.

रिजर्व को लेकर एक खुश खबर ये भी



सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को यूनेस्‍को की विश्‍व धरोहर स्‍थलों की संभावित सूची में शामिल किया गया है. प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि अब मध्य प्रदेश ऐसा राज्‍य बन गया है, जहां से दो स्‍थलों को यूनेस्‍को विश्‍व धरोहरों की प्राकृतिक श्रेणी की संभावित सूची में शामिल किया गया है. अगले चरण में इन स्‍थलों का नॉमिनेशन डॉजियर यूनेस्‍को द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि संभावित स्‍थलों की सूची में विशिष्‍ट विशेषताओं वाले स्‍थलों को ही शामिल किया जाता है.

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