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भोपाल कॉपरेटिव बैंक में घोटाला : चिटफंड कंपनियों में लगा दिए 111 करोड़ रुपए

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 6, 2019, 2:37 PM IST
भोपाल कॉपरेटिव बैंक में घोटाला : चिटफंड कंपनियों में लगा दिए 111 करोड़ रुपए
भोपाल कॉपरेटिव बैंक में घोटाला : चिटफंड कंपनियों में लगा दिए 111 करोड़ रुपए

EOW की जांच में भोपाल कॉपरेटिव बैंक में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है.बैंक के जिम्मेदारों ने चिटफंड कंपनियों में निवेश कर दिया. 111 करोड़ को एनपीए बताकर डूबत खाते में डाल दिया

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भोपाल. मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के बहुचर्चित ई टेंडर (e-tender), एमसीयू (mcu) और सिंहस्थ घोटाले के बाद अब शिवराज शासन (shivraj government) में हुए एक और घोटाले पर EOW ने शिकंजा कस दिया है.नया घोटाल भोपाल कॉपरेटिव बैंक से जुड़ा हुआ है.जि़म्मेदारों ने जमाकर्ताओं का पैसा बिना किसी गारंटी और सुरक्षा के चिटफंड (chit fund) कंपनियों में लगा दिया.अब ये चिटफंड कंपनियां न मूलधन लौटा रही हैं और न ही ब्याज दे रही हैं.

EOW की जांच में भोपाल कॉपरेटिव बैंक में करोड़ों का घोटाला उजागर हुआ है.बैंक के जिम्मेदारों ने चिटफंड कंपनियों में निवेश कर दिया. 111 करोड़ को एनपीए बताकर डूबत खाते में डाल दिया. EOW अब जल्द इस घोटाले में एफआईआर दर्ज करने जा रही है.
ब्याज के लालच में घोटाला
ये घोटाला ज़्यादा ब्याज के लालच में किया गया. बैंक के अधिकारियों ने ज्यादा ब्याज के लालच में ऐसी कंपनी में जमाकर्ताओं का पैसा लगाया, जो बंद होने के कगार पर पहुंच गई हैं.बैंक ने IL&FS समूह मुंबई की दो कंपनियों ITNL और IETS में अक्टूबर 2017 में 111 करोड़ रुपए रुपए साढ़े नौ प्रतिशत ब्याज के लालच में जमा किए थे.अक्टूबर 2018 में जब एक साल पूरा हुआ तो पता चला कि ये कंपनियां पैसा देने की हालत में ही नहीं हैं. कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए बैंक अफसरों एफडी एक साल के लिए बढ़ा दी. अब ये कंपनियां ब्याज तो छोड़ो, मूलधन लौटाने की स्थिति में भी नहीं हैं.

जल्द होगी FIR
इस घोटाले में ऑडिट करने वाली निजी चार्टर्ड एकाउंटेंट की संस्थाएं मेसर्स अग्रवाल एंड मित्तल, साबू एंड साबू, छाजेड़ एंड कंपनी, सुभाष शर्मा और अनिल भार्गव शामिल हैं.तत्कालीन बोर्ड और अधिकारियों में आरएस विश्वकर्मा, जीवन सिंह मैथिल, सुनील पुरोहित के साथ प्रताप सिंह गुर्जर, केवल सिंह ठाकुर, शिवनारायण मीणा, नरेश पाटीदार, राजेंद्र ठाकुर, रतन सिंह, सुगना बाई जाट, भैरोसिंह गुर्जर, पतिराम घोसी, संतोष मीणा पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा. अब इन सभी पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है.

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First published: November 6, 2019, 2:37 PM IST
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