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संचालनालय सैनिक कल्याण में करोड़ों का घोटाला, सरकार ने कर्नल अश्विनी कुमार की सेवा ख़त्म की

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: January 24, 2020, 1:36 PM IST
संचालनालय सैनिक कल्याण में करोड़ों का घोटाला, सरकार ने कर्नल अश्विनी कुमार की सेवा ख़त्म की
संचालनालय सैनिक कल्याण में घोटाला, कर्नल अश्विनी कुमार बर्खास्त (प्रतीकात्मक फोटो.

इस घोटाले (scam) का खुलासा होने के बाद विभाग हरकत में आया और अश्विनी कुमार को संविदा नियुक्ति से हटाते हुए मामले की CBI जांच कराने के निर्देश संबंधित एजेंसी को दिए.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) में संचालनालय सैनिक कल्याण (Directorate of Military Welfare) में करोड़ों के घोटाले (scam) का खुलासा हुआ है. भूतपूर्व सैनिकों के पीएएफ और अन्य खातों के पैसे अफसर खा गए.  इस खुलासे के बाद सरकार ने  संविदा नियुक्ति पर काम कर रहे सहायक संचालक कर्नल अश्विनी कुमार (Colonel Ashwini Kumar) (से.नि.) की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है. इस घोटाले में पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर और 2 ज्वाइंट डायरेक्टर जांच के दायरे में हैं. 5 साल में 6 करोड़ का घोटाला किया गया.

कर्नल अश्विनी कुमार को अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं रहा. । अश्विनी कुमार का काम मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया. गंभीर आर्थिक अनियमितताएं होने के कारण उनकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई.

पूर्व सैनिकों का सवा 6 करोड़ अपने खातों में ट्रांसफर
इस मामले में भ्रष्टाचार और बड़ी मात्रा में पैसा निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है. जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति के नाम से बैंक में बचत खाता खोला गया था. लेकिन इसके बाद संचालनालय और समिति के पदाधिकारियों ने इसी नाम से एक अन्य करंट अकाउंट खुलवा लिया. भूतपूर्व सैनिकों और पूर्व सैनिकों का पीएफ सहत अन्य पैसा ये पदाधिकारी बचत खाते से करंट खाते में ट्रांसफर करते रहे. इसके बाद अकाउंट शाखा का काम देखने वाला रिटायर्ड हवलदार नीरज चतुर्वेदी रकम अपने और अन्य पदाधिकारियों के खाते में ट्रांसफर करता था. जांच में सामने आया कि अकेले नीरज के खाते में ही 3 करोड़ से अधिक का पैसा ट्रांसफर हुआ. उस समय अश्विनी कुमार अकाउंट सेक्शन के सुपरवाइजर थे. उनकी जिम्मेदारी थी. इस घोटाले में पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर और 2 ज्वाइंट डायरेक्टर जांच के दायरे में हैं. इस केस की जांच की तो पता चला कि पदाधिकारियों ने अकाउंट शाखा से सांठगांठ कर अपने खाते में सवा 6 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर लिए हैं. यह घोटाला पिछले 5 साल में हुआ है.

सीआईडी को सौंपी जांच
इस घोटाले का खुलासा होने के बाद विभाग हरकत में आया और अश्विनी कुमार को संविदा नियुक्ति से हटाते हुए मामले की CBI जांच कराने के निर्देश संबंधित एजेंसी को दिए. शासन इस मामले की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (सी.आई.डी.) के विशेष दल से करा रहा है. इसके लिए सीआईडी को चिट्टी लिखी गयी है.

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First published: January 24, 2020, 1:30 PM IST
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