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मध्य प्रदेश: साइकिल, लैपटॉप और किताबों के नाम पर करोड़ों का घोटाला, CAG रिपोर्ट में खुलासा

शिक्षा विभाग के सरप्लस शिक्षकों कीू सूची में मृतकों के नाम भी शामिल

शिक्षा विभाग के सरप्लस शिक्षकों कीू सूची में मृतकों के नाम भी शामिल

भाजपा सरकार (BJP Government) में हुई गड़बड़ियों के मामलों का लगातार खुलासा हो रहा है. इस बार ये गड़बड़ी साइकिलों (Bicycle) के रखरखाव, लैपटॉप (Laptop) और किताबें (Books) बांटने में की गई है, और ये खुलासा महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट (CAG Report) में हुआ है. कांग्रेस सरकार ने इन मामलों में जांच और कार्रवाई की बात कही है.

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भोपाल. सरकारी योजनाओं (Madhya Pradesh Government Schemes) के नाम पर भाजपा सरकार (BJP Government) में अफसरों की गड़ब़ड़ी फिर उजागर हुई है. साइकिलों (Bicycle) के भंडारण के नाम पर अफसरों ने राज्य सरकार को 3 करोड़ रुपयों की चपत लगाई है. 3 करोड़ की ये राशि साइकिलों को सुरक्षित रखने के नाम पर ली गई थी. साइकिलों के रख रखाव के नाम पर ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए ही राशि का बंदरबांट किया गया. साइकिलों के साथ ही लैपटॉप (Laptop) और किताबें (Books) बांटने में भी अधिकारियों ने खेल किया है. गड़बड़ी का खुलासा महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट (CAG Report) में हुआ है. रिपोर्ट में और भी कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं हैं.

ये था मामला
लोक शिक्षण संचालनालय ने लघु उद्योग निगम से भाजपा सरकार यानि 2017-18 में 4,29,357 साइकिलें खरीदी थीं. 300 करोड़ में खरीदी गई साइकिलों का सुरक्षित भंडारण विकासखंड स्तर पर होना था. सुरक्षित भंडारण के लिए लघु उद्योग निगम को प्रति साइकिल 30 रूपए ज्यादा भुगतान किया गया था. लेकिन संचालनालय के अधिकारियों ने ठेकेदारों को फायदा देने के लिए सरकारी भवनों और स्कूलों में ही साइकिलों को रखवा दिया. खास बात ये है कि ये साइकिलें छात्रों को भी नहीं मिल पाईं और सरकार को 3 करोड़ की चपत लग गई.

नहीं हुई कार्रवाई
महालेखाकार की ऑडिट रिपोर्ट ने जब आपत्ति की तो लोक शिक्षण संचालनालय ने जांच की सहमति तो दे दी लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है. जांच में पता चला है कि 7 जिलों के डीईओ ने बिना टेंडर के जरूरत से ज्यादा साइकिलें खरीदी थीं. नीमच, रतलाम, भिंड, बालाघाट, सीधी, राजगढ़, सतना के डीईओ ने बिना टेंडर बुलाए ही किताबों और फर्नीचर के साथ ही अन्य उपकरणों की भी खरीदी की है. वहीं लोक शिक्षण संचालनालय ने साइकिल खरीदने के नाम पर 2018 में 166.58 करोड़ रूपए लघु उद्योग निगम के खाते में जमा करा दिए थे.

लैपटॉप वितरण में भी गड़बड़ी
मेधावी छात्र योजना के तहत लैपटॉप वितरण में भी गड़ब़ड़ी सामने आई है. लैपटॉप के नाम पर 110 करोड़ रूपए खर्च किए गए, जिसमें छात्रों के खातों में जमा 25 हजार के बैंक स्टेटमेंट ऑडिट में नहीं मिले हैं. लैपटॉप की राशि खातों में पहुंची है या नहीं इस पर भी संशय बना हुआ है.

कांग्रेस सरकार कराएगी मामले की जांच
कमलनाथ सरकार में जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है. जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन सभी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ के सख्त निर्देश हैं कि गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए. इस मामले में चाहे अधिकारी हों या कर्मचारी. गड़बड़ी करने वाले एक-एक व्यक्ति पर कार्रवाई होगी ताकि आगे छात्र हितैषी योजनाओं में अधिकारी कर्मचारी गड़बड़ियां ना कर सकें.

भाजपा बोली करा लो जांच
महालेखाकार की रिपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि अगर गड़बड़ी हुई है तो आप जांच करा लो. जो भी दोषी होगा या जिसने भी गड़बड़ी की है, सब पता चल जाएगा, कि आखिर किसने कब और किस स्तर पर गड़बड़ी की है.

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