फीस पर कड़ाई, खतरे में बच्चों की पढ़ाई! 12 से ऑनलाइन क्लासेस बंद, हड़ताल पर जाने की तैयारी में निजी स्कूल संचालक

निजी स्कूलों ने आर्थिक पैकेज देने की मांग की है. न्यूज़18 क्रिएटिव

Conflict Over Tuition Fees: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में कोरोना समीक्षा बैठक में स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए थे. निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे. उधर स्कूल संचालकों का कहना है कि फीस नहीं बढ़ाएंगे तो स्कूल कैसे चलाएंगे. सरकार हमें आर्थिक पैकेज दे.

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भोपाल. स्कूलों में ट्यूशन फीस (Tution Fees) न बढ़ाने के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CCM Shivraj) के आदेश के विरोध में अब प्रदेश भर के निजी स्कूल संचालक हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. इन संचालकों ने 12 जुलाई से ऑनलाइन क्लासेज (Online Classes) बंद करने की धमकी दी है. इनका कहना है डेढ़ साल से स्कूल (School) बंद होने के कारण उनकी माली हालत बेहद खराब है. ऐसे हालात में स्कूल चला पाना मुश्किल है.

एसोसिएशन ऑफ एडिट प्राइवेट स्कूल के उपाध्यक्ष विनी राज मोदी का कहना है बीते डेढ़ साल से स्कूल बंद हैं. सिर्फ ट्यूशन फीस के भरोसे निजी स्कूलों का संचालन कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है. इस ट्यूशन फीस में से शिक्षकों के वेतन भत्ते, बसों का संचालन और ऑनलाइन क्लासेस सबका खर्च निकलता है, जो अब निकाल पाना मुश्किल हो रहा है. ट्यूशन फीस ना बढ़ाने के विरोध में 12 जुलाई से प्रदेश भर में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया जाएगा. सरकार के आदेश वापस ना लेने तक ऑनलाइन कक्षाएं बंद रहेंगी.

आर्थिक पैकेज की मांग
एसोसिएशन ऑफ अन एडेड प्राइवेट स्कूल्स के उपाध्यक्ष विनय राज मोदी के मुताबिक सरकार ने कहा है कि ट्यूशन फीस नहीं बढ़ाई जाएगी. हम सभी निजी स्कूल संचालक ट्यूशन फीस नहीं बढ़ाएंगे. सरकार से हमारी मांग यही है कि ट्यूशन फीस ना बढ़ाने के एवज में निजी स्कूलों को आर्थिक पैकेज (Economic Package) दिया जाए. आर्थिक पैकेज के जरिए निजी स्कूलों की माली हालत में सुधार किया जा सके.अगर सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा नहीं करती है तो आने वाले समय में आधे से ज्यादा निजी स्कूल या तो दिवालिया हो जाएंगे या फिर बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं.

सीएम ने स्कूल फीस नहीं बढ़ाने के दिए हैं निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा बैठक में प्रदेश भर के स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए थे. निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले सकेंगे और उसे भी बढ़ाया नहीं जाएगा. प्रदेश के गैर अनुदान प्राप्त, निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र--छात्राओं और अभिभावकों को शिक्षण शुल्क के अलावा कोई अन्य फीस नहीं देनी होगी. ये आदेश प्रदेश भर के सभी सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी से संबंद्ध निजी और सरकारी स्कूलों पर लागू है. ट्यूशन फीस के अलावा ज्यादा फीस लेने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी.

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