कोरोना में भी जारी हैं तबादले : सीहोर-अनूपपुर के कलेक्टर बदले, 5 घंटे में रद्द हो चुका है एक आदेश

कोरोना काल में कलेक्टर्स के ट्रांसफर पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

कोरोना काल में कलेक्टर्स के ट्रांसफर पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं.

Bhopal. इससे पहले दमोह उपचुनाव नतीजों के 5 दिन बाद ही सरकार ने दमोह कलेक्टर का तबादला कर दिया था. लेकिन खास बात ये रही कि जिस अधिकारी को दमोह का नया कलेक्टर बनाया गया वो 5 घण्टे तक भी दमोह कलेक्टर नहीं रह पाए थे और फिर दमोह को एक नया कलेक्टर मिल गया था.

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भोपाल. कोरोना आपदा (Corona crisis) के बीच भी मध्य प्रदेश में तबादलों (Transfer) का दौर जारी है. गुरुवार को तीन आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया. इनमें से दो कलेक्टर हैं. सीहोर और अनुपपुर कलेक्टर को बदल दिया गया है. सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता को हटाकर मंत्रालय अटैच किया गया है. चन्द्र मोहन ठाकुर सीहोर के नए कलेक्टर होंगे. चन्द्र मोहन ठाकुर फिलहाल अनूपपुर के कलेक्टर थे. उनकी जगह सोनिया मीना को अनूपपुर का नया कलेक्टर बनाया गया है. सोनिया इससे पहले पर्यटन विकास बोर्ड में अपर प्रबंध संचालक थीं.

5 घंटे में बदल चुका है आदेश

इससे पहले दमोह उपचुनाव नतीजों के 5 दिन बाद ही सरकार ने दमोह कलेक्टर का तबादला कर दिया था. लेकिन खास बात ये रही कि जिस अधिकारी को दमोह का नया कलेक्टर बनाया गया वो 5 घण्टे तक भी दमोह कलेक्टर नहीं रह पाए थे और फिर दमोह को एक नया कलेक्टर मिल गया था. सरकार ने चंद घंटे में ही अपना आदेश बदल दिया.

दमोह उपचुनाव में हार के बाद तबादला
राज्य सरकार ने पिछले दिनों 5 आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए थे इनमें दमोह के मौजूदा कलेक्टर तरुण राठी का भी नाम शामिल था. तरुण राठी को दमोह कलेक्टर के पद से हटाकर मंत्रालय में उप सचिव बनाया गया था. उनकी जगह अनूप कुमार सिंह को दमोह का नया कलेक्टर बनाया गया था. लेकिन राज्य सरकार ने इस आदेश में कुछ घण्टो के भीतर ही संशोधन करते हुए अनूप कुमार सिंह का दमोह कलेक्टर के पद पर तबादला आदेश रद्द कर दिया. उनकी जगह एस कृष्ण चैतन्य को दमोह का नया कलेक्टर बनाया गया था. बाद में पता चला कि अनूप कुमार सिंह ने अपनी कोरोना संक्रमित मां की सेवा के लिए दमोह कलेक्टर बनकर जाने में असमर्थता ज़ाहिर की थी.


सियासी वार पलटवार



अधिकारियों के तबादलों पर अब सियासी वार पलटवार शुरू हो गए हैं. कांग्रेस ने कोरोना आपदा के बीच हो रहे तबादलों पर सवाल खड़े करते हुए कहा सरकार अभी भी तबादला उद्योग में लगी हुई है जबकि जनता महामारी से परेशान है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी ने इन आरोपों का पलटवार करते हुए कहा सरकार प्रशासनिक जमावट के लिहाज से अधिकारियों के तबादले करती है. इससे आपदा से निपटने में कोई फर्क नहीं पड़ता. कांग्रेस के पास दरअसल कोई विषय नहीं है इसलिए वह इन मुद्दों को हवा दे रही है.

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