भोपाल: वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित का निधन, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जताया शोक

प्रो. कमल दीक्षित के निधन पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्यक्त  किया है.

प्रो. कमल दीक्षित के निधन पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शोक व्यक्त किया है.

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित (Kamal Dixit ) का बुधवार को भोपाल में निधन हो गया. उनके निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया है.

  • Share this:
भोपाल. मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दीक्षित (Kamal Dixit) का बुधवार को भोपाल में निधन हो गया. शाम 5.30 बजे उनका देहांत हुआ. वे एक जमीनी पत्रकार तौर पर जाने जाते थे. उन्होंने 1996 से 2003 तक माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग के  अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली थी. मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.  सीएम शिवराज ने अपने ट्वीट में लिखा, "वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित जी के निधन के समाचार से दु:ख पहुंचा है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करें. विनम्र श्रद्धांजलि!"

पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, "वरिष्ठ पत्रकार कमल दीक्षित के निधन का समाचार प्राप्त हुआ. परिवार के प्रति मेरी शोक संवेदनाएं, ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें."

प्रो. कमल दीक्षित निधन पर विश्वविद्यालय परिवार और अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने दुख जताते हुए शोक व्यक्त किया है.  प्रो. कमल दीक्षित के निधन पर भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है.

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि कमल दीक्षित को पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा. दीक्षित का पूरा जीवन मूल्य आधारित पत्रकारिता को समर्पित था और इसके लिए उन्होंने मूल्यानुगत मीडिया अभिक्रम समिति की स्थापना भी की. एक साधारण परिवार से आने वाले कमल दीक्षित ने अपने कठिन परिश्रम, सरल स्वभाव और कुशल संचार कला से पत्रकारिता एवं मीडिया शिक्षण में एक मुकाम हासिल किया. अपने शिक्षण काल में उन्होंने अनेक बेहतरीन पत्रकारों को तैयार किया.
प्रो. दीक्षित के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए MCU के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह ने बताया कि वह बेहद संवेदनशील पत्रकार और प्रोफेसर थे. पत्रकारिता को उन्होंने लंबे समय तक जिया और उसके बाद एकेडमिक करियर को चुना. माखनलाल विश्वविद्यालय में पत्रकारिता विभाग में 1996 से लेकर 2003 तक तकरीबन 7 साल काम करने का मौका मिला. इस दौरान उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला. वह मानते थे कि ग्रामीण अंचलों में काम करने वाले पत्रकारों को भी पत्रकारिता की आरंभिक समझ विकसित करना जरूरी है. उन्होंने जिला कस्बाई और आंचलिक पत्रकारों को प्रॉपर प्रशिक्षण देने के लिए कई ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया.

प्रो. दीक्षित को उन्हें व्यवहारिक और सैद्धांतिक दोनों पत्रकारिता का खासा अनुभव था जिसका उपयोग वह लगातार करते रहे. आखिरी दिनों में वह 'मूल्यानुगत मीडिया' नाम की मैगजीन का संपादन करते थे और प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी के मीडिया विंग से जुड़े हुए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज