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आदिवासी और बाल अपराध में MP नंबर 1, आदिवासियों के उत्पीड़न के केस 20 फीसदी बढ़े - NCRB

आदिवासी और बाल अपराध में MP नंबर 1, आदिवासियों के उत्पीड़न के केस 20 फीसदी बढ़े - NCRB

मध्य प्रदेश में आदिवासी-बाल अपराध बढ़े हैं. एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि इन अपराधों में एमपी नंबर 1 है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश में आदिवासी-बाल अपराध बढ़े हैं. एनसीआरबी की रिपोर्ट कहती है कि इन अपराधों में एमपी नंबर 1 है. (सांकेतिक तस्वीर)

Madhya Pradesh News: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की 2020 की रिपोर्ट आ गई है. इसके मुताबिक मध्य प्रदेश के हालात शर्मनाक हैं. यहां बाल अपराध और आदिवासियों पर अत्याचार देश में सबसे ज्यादा हुआ है. प्रदेश में साल 2020 में आदिवासियों के उत्पीड़न मामले 20% बढ़े हैं.

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भोपाल. अपराध को लेकर मध्य प्रदेश की रिपोर्ट शर्मनाक है. प्रदेश बाल अपराध और आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में नंबर 1 है. प्रदेश में साल 2020 में आदिवासियों के उत्पीड़न मामले 20% बढ़े हैं. महिला अपराधों में कमी आई है. महिला अत्याचारों के मामले में मध्य प्रदेश देश में 5वें नंबर पर है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record Bureau-NCRB) की 2020 की रिपोर्ट कहती है कि प्रदेश में अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 2,401 केस दर्ज हुए हैं. बीते 3 साल से प्रदेश इन अपराधों में पहले पायदान पर ही है.

NCRB की इस रिपोर्ट पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर शिवराज सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने ट्वीट किया कि एनसीआरबी के साल 2020 के आंकड़ों में मध्य प्रदेश आदिवासियों के उत्पीड़न में शीर्ष पर, पिछले वर्ष के मुकाबले 20% बढ़े मामले, 2401 मामले दर्ज. बाल अपराध, मासूमों के साथ दुष्कर्म में भी प्रदेश शीर्ष पर, आंकड़ों के मुताबिक बच्चों की दृष्टि से प्रदेश असुरक्षित. यह है शिवराज सरकार के 16 वर्षों के विकास की तस्वीर. जब से प्रदेश में शिवराज सरकार आई है आदिवासी, दलित, शोषित वर्ग पर उत्पीड़न व दमन की घटनाएं बढ़ी हैं, दुष्कर्म की घटनाएं रोज घटित हो रही हैं, अपराधी तत्वों के हौसले बुलंद हैं. कानून का कोई खौफ नहीं बचा है.

बच्चों के साथ अपराध में नंबर वन एमपी

बाल अपराध में भी मध्य प्रदेश नम्बर वन है. 2020 में इन अपराधों की संख्या 17008 है. इससे पहले के साल में भी प्रदेश बच्चों के साथ होने वाले अपराधों के मामलों में नम्बर वन था. NCRB की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में रोज करीब 46 बच्चों को हत्या, दुष्कर्म और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों का शिकार होना पड़ा, हालांकि, 2019 के मुकाबले इसमें मामूली कमी आई है. प्रदेश में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध की दर 59.1% है. साल 2019 में 19,028 मामले दर्ज हुए थे.

महिला अपराध में एमपी पांचवें स्थान पर

महिला अपराध के मामले में मध्य प्रदेश देश में पांचवें नंबर पर है. 2020 में एमपी में महिलाओं पर अत्याचार के 25640 मामले दर्ज हुए. साल 2020 में दुष्कर्म के 2,339 केस दर्ज किए गए. यानी, रोज करीब 6 महिलाएं रेप का शिकार हुईं. गौरतलब है कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक 2020 के दौरान हर दिन भारत (India Crime Record) में औसतन 80 लोगों की हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया है. सबसे अधिक 3779 हत्या के मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए. इसके बाद बिहार में 3150 महाराष्ट्र में 2163 मध्यप्रदेश में 2101 और पश्चिम बंगाल में 1948 मामले दर्ज किए गए हैं.

Tags: Big crime, Mp news, NCRB

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