इंसानियत शर्मसार: नसीब नहीं हुए चार कंधे, लोडिंग ऑटो में निकालनी पड़ी शव यात्रा, लेकिन आखिर क्यों?

मप्र की राजधानी में प्रशासन लापरवाही की हद लांघता नजर आ रहा है.

मप्र की राजधानी में प्रशासन लापरवाही की हद लांघता नजर आ रहा है.

Shameful news: Madhya Pradesh Capital Bhopal में शर्मसार करने वाला सामने आया है. अचानक एक युवक की मौत हो गई. परिवार चाहता था कि उसके शव को 4 कंधों नसीब हों. लेकिन प्रशासन की लापरवाही के चलते ये न हो सका.

  • Last Updated: April 16, 2021, 12:08 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है. एक परिवार की इच्छा थी कि बेटे की शव यात्रा चार कंधों पर निकले. लेकिन, लॉकडाउन लगने की वजह से यह संभव नहीं हो सका. इसके बाद परिवार की उम्मीद नगर निगम के शव वाहन पर टिकी, लेकिन कई फोन करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिला. और, जब 3:30 घंटे बाद भी शव वाहन नहीं मिला तो परिजनों ने मजबूरी में लोडिंग ऑटो से शव यात्रा निकली.

घटना हालांकि,  छोला मंदिर थाना इलाके में दो दिन पहले हुई. लाचार सिस्टम की वजह से यहां एक परिवार बेटे के शव को लोडिंग ऑटो से अंतिम संस्कार के लिए ले गया. जानकारी के मुताबिक, शिव नगर में रहने वाले युवक दीपक विश्वकर्मा की घर पर ही अचानक मौत हो गई. आसपास के लोगों ने बताया कि दीपक की बीमारी के चलते मौत हुई. हालांकि मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है. मृतक दीपक के परिजनों ने अंतिम संस्कार की घर पर तैयारी की और अर्थी बनाई.

लॉकडाउन की वजह से हुई परेशानी

दीपक के परिजन और आसपास के लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए चार कंधों पर ले जाना चाहते थे. लेकिन, लॉकडाउन और जगह-जगह बैरिकेट्स लगे होने के कारण यह संभव नहीं हो सका. ऐसे में परिवार ने नगर निगम के शव वाहन को बुलाने के लिए फोन लगाया. दीपक के परिजनों ने दोपहर करीब 3:00 बजे फोन लगाया. उस वक्त निगमकर्मियों ने बताया कि वाहन जल्द भेज दिया जाएगा.
लगातार 6:30 बजे तक कई फोन लगाए, लेकिन मिला सिर्फ आश्वासन. जब परिवार की शव वाहन मिलने की उम्मीद खत्म हो गई तो परिवार ने लोडिंग ऑटो से दीपक की शव यात्रा विश्राम घाट तक निकाली और उसका अंतिम संस्कार किया.
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