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शर्मिला और पटौदी की शादी पर लोगों में लगी थी रिश्ता टूट जाने की शर्त

Gaurav Pandey | News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 1:08 PM IST
शर्मिला और पटौदी की शादी पर लोगों में लगी थी रिश्ता टूट जाने की शर्त
बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का आज जन्मदिन है
Gaurav Pandey | News18Hindi
Updated: December 8, 2017, 1:08 PM IST
बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर आज अपना 74वां जन्मदिन मना रही हैं. वो 8 दिसंबर 1944 को हैदराबाद के बंगाली परिवार में पैदा हुईं थीं.

अपने दौर की इस बेहतरीन अदाकारा ने जब भोपाल के नवाब और क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी से शादी का फैसला लिया तब कई लोगों को यह यकीन था कि यह रिश्ता चल नहीं पाएगा. यहां तक कि उस दौर में ऐसी खबरें आती थीं कि लोगों के बीच यह शर्त लगी है कि शर्मिला और टाइगर पटौदी की शादी जल्दी टूट जाएगी.

जब बंगाली लड़की शर्मिला और मंसूर अली खान की शादी हुई थी तब कई लोगों ने कहा कि उनका रिश्ता कुछ सालों में ही खत्म हो जाएगा. लेकिन सबको गलत साबित करते हुए पटौदी और शर्मिला का रिश्ता 47 साल तक बना रहा.

शर्मिला और नवाब पटौदी का रिश्ता कितना गहरा था इसका अंदाजा शर्मिला की इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘टाइगर और मेरी जिन्दगी एक-दूसरे से ही शुरू और एक-दूसरे पर ही खत्म होती थी’.

एक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में अपने रिश्ते को लेकर शर्मिला टैगोर ने कई बाते बताई थीं. उन्होंने कहा कि, ‘ 21 दिसंबर 2011 को हमारी 43वीं शादी की सालगिरह होती, लेकिन उससे पहले ही वो मेरा साथ छोड़ कर चले गए. टाइगर के जाने के बाद मैं बिल्कुल अकेली हो गई. लेकिन उनको मैं आज भी हर जगह महसूस कर सकती हूं जिससे मेरा अकेलापन मुझे परेशान नहीं करता.

शर्मिला और नवाब पटौदी का रिश्ता कितना गहरा था इसका अंदाजा शर्मिला की इसी बात से लगाया जा सकता है कि ‘टाइगर और मेरी जिन्दगी एक-दूसरे से ही शुरू और एक-दूसरे पर ही खत्म होती थी’


पटौदी से अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताते हुए शर्मिला कहती हैं कि, मेरी टाइगर से पहली मुलाकात मेरे 21 वें जन्मदिन के कुछ महीने पहली ही हुई थी. हम दोनों हमारे कॉमन फ्रेंड की एक पार्टी में दिल्ली में मिले थे. वो मुझसे 3 साल 11 महीने बड़े थे लेकिन उनका मजाकिया अंदाज और विनम्रता ने मुझे उनकी तरफ आकर्षित किया. मुझे ऐसा लगा कि मैं अपनी पूरी जिंदगी उन्हें सौंप सकती हूं.

हमने चार साल तक डेट की. वो मुझे पहले ही प्रपोज कर चुके थे लेकिन मैंने हां कहने में काफी टाइम लगाया. उनकी मजाक करने की आदत और विनम्रता ताउम्र उनके साथ बनी रही. यहां तक की जिन्दगी के आखिरी पलों में भी उन्होंने कभी अपने दुखों के बारे में नहीं कहा. वो तो बस शांत हो कर सारी तकलीफें सहन कर रहे थे और हमारे सामने आखिर तक हंसते-हंसाते रहे.

टाइगर जहां एक शांत, मैच्योर और जिम्मेदार किस्म के इंसान थे. वहीं मैं बहुत जल्द आवेश में आ जाती थी और शायद यही वजह थी कि हम दोनों एक-दूसरे को कॉम्पिल्मेंट करते थे. वो अपने पिता की तरह जिंदादिल थे तो मां की तरह निजी इंसान भी. वो बहुत सोच-समझकर चीजें कहा करते थे और कभी भी झगड़े में विश्वास नहीं करते थे जबकि मुझे बहुत गुस्सा आता था.

एक बार की बात है मैं और टाइगर पैरिस में एक रेस्टोरेंट में डिनर के लिए गए थे. उस समय वहां पर बहुत तेज बारिश हो रह थी, इसलिए होटल वापिस जाने के लिए हमने पहले ही एक टैक्सी बुलवा ली. जैसे ही हमारी टैक्सी आई कि शम्मी कपूर उसमें बैठकर वहां से चले गए. इस बात पर मुझे बहुत गुस्सा आया मुझे गुस्से में देख टाइगर तुरंत पास रखे गुलाब के गुलदस्ते को लेकर अपने घुटने पर प्रपोज करने की स्टाइल में नीचे बैठ गए. जिसके बाद मेरा गुस्सा हंसी में बदल गया. इतने लोगों के सामने मेरे लिए ऐसी चीज सिर्फ टाइगर ही कर सकते थे.

जिन्दगी के आखिरी पलों में भी उनका कॉन्फिडेंस हमेशा बना रहा. वो हिम्मत के साथ अपनी बीमारी से लड़ रहे थे. उनकी आखिरी नींद से पहले उन्होंने मुझसे कहा था कि रिंकू ये (बीमारी) ठीक नहीं हो रही है, पर मुझे उम्मीद है कि ये ठीक हो जाए. उनके ये आखिरी शब्द हमेशा मेरे साथ रहने वाले हैं.
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