शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार: सिंधिया समर्थक सिलावट और राजपूत ने ली मंत्री पद की शपथ

गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट शिवराज कैबिनेट में शामिल हुए.

गोविंद सिंह राजपूत और तुलसी सिलावट शिवराज कैबिनेट में शामिल हुए.

MP Cabinet News: ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थक विधायक तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत आज शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के मंत्रिमंडल में शामिल हुए. राज्यपाल आनंदी बेन पटेल नए मंत्रियों को शपथ दिलायी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 3, 2021, 1:35 PM IST
  • Share this:

भोपाल. राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) समर्थक तुलसी सिलावट(Tulsi Silawat) और गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने रविवार को मंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही शिवराज सरकार के बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल (MP Cabinet) का विस्तार हो गया. मंत्रियों को प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण कार्यक्रम सादगी पूर्ण ढंग से राजभवन में आयोजित किया गया. शपथ ग्रहण समारोह कुछ ही मिनट में संपन्न हो गया.

जानकारी के मुताबिक, कोविड-19 के कारण राजभवन में शपथ कार्यक्रम के दौरान केवल डेढ़ सौ लोगों को ही प्रवेश दिया गया. जानकारी के मुताबिक, विधायकों को मंत्री बनने के बाद पूर्व के विभागों की ही जिम्मेदारी मिलेगी. सूत्रों के मुताबिक, गोविंद सिंह राजपूत राजस्व और परिवहन, तुलसी सिलावट जल संसाधन विभाग का जिम्मा संभालेंगे. आपको बता दें कि ये दोनों ही विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कट्टर समर्थक माने जाते हैं.

फिर होगा कैबिनेट विस्तार

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश कैबिनेट के 14 सदस्‍यों गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभुराम चौधरी, बिसाहूलाल सिंह, एदल सिंह कंषाना, हरदीप सिंह डंग, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह यादव, गिर्राज दंडौतिया, सुरेश धाकड़ और ओपीएस भदौरिया ने चुनाव लड़ा था. इसमें से इमरती देवी, एदल सिंह कंषाना और गिर्राज दंडोतिया चुनाव हार गए थे. इसमें से 2 तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत को छह माह का कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव के दौरान ही मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. अब दोनों को फिर से कैबिनेट में लिया जा रहा है. इसके बाद भी 4 पद खाली रह जाएंगे यानि आगे भी कैबिनेट विस्तार होगा.
तुलसी सिलावट का राजनीतिक सफर 

सांवेर विधायक तुलसी सिलावट 1977 से 1979 तक इंदौर के शासकीय आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज तथा 1980-81 में देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे. 1982 में इंदौर में पार्षद बने. 1985 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता और उन्हें संसदीय सचिव की अहम जिम्मेदारी दी गई. 1995 में नेहरू युवा केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने. इसके बाद 1998-2003 तक ऊर्जा विकास निगम के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली. इस दौरान उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का उपाध्यक्ष बनाया गया. 2007 में उपचुनाव में कांग्रेस ने उन्हें फिर से टिकिट दिया और वे जीते। इसके बाद 2008 के आम चुनाव में जीत हासिल हुई. सिलावट 2018 में चौथी बार विधायक बने और कमलनाथ सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया. उन्हें स्वास्थ्य विभाग की अहम जिम्मेदारी दी गई. 10 मार्च 2020 को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे. शिवराज सरकार में उन्हें जल संसाधन और मछुआ कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर वे 5वीं बार विधायक बने।

गोविंद सिंह राजपूत का राजनीतिक सफर



सुरखी विधायक गोविंद सिंह राजपूत प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं. 2002 से 2020 तक प्रदेश कांग्रेस के महासचिव और उपाध्यक्ष के पद पर रहे. उन्होंने 2003 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. उन्हें कांग्रेस विधायक दल के सचेतक की जिम्मेदारी पार्टी ने सौंपी थी. 2008 में दूसरी बार विधायक बने लेकिन 2013 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. 2018 में भाजपा उम्मीदवार सुधीर यादव को हरा कर राजपूत एक बार फिर विधायक बन गए. उन्हें कमलनाथ सरकार में परिवहन और राजस्व विभाग की जिम्मेदारी मिली. राजपूत 10 मार्च 2020 को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे. शिवराज सरकार में उन्हें खाद्य और सहकारिता मंत्री बनाया गया. राजपूत उन पांच मंत्रियों में शामिल रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट का सदस्य बनाया था. मंत्रिमंडल के विस्तार में राजपूत को फिर से परिवहन और राजस्व विभाग दिया गया. छह माह की अवधि समाप्त होने के कारण उन्हें मंत्री पद से 20 अक्टूबर को इस्तीफा देना पड़ा था. राजपूत ने उपचुनाव में कांग्रेस की पारुल साहू को हराया और चौथी बार विधायक बने.

इमरती देवी और कंसाना का इस्तीफा मंजूर

उधर, मंत्री इमरती देवी , एदल सिंह कंसाना और गिर्राज दंडोतिया का इस्तीफा मंजूर हो गया है.  6 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर राज्यपाल ने इनके इस्तीफे मंजूर कर लिए. मंत्रियों के इस्तीफे वाले विभाग दूसरे मंत्रियों को दिए जाएंगे. सीएम शिवराज मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा करेंगे.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज