कोरोना आपदा: Oxygen उत्पादन के लिए MP Govt देगी 75 करोड़ की सहायता, इन्हें मिलेगा लाभ

ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने शिवराज सरकार देगी 75 करोड़ (सांकेतिक फोटो)

ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने शिवराज सरकार देगी 75 करोड़ (सांकेतिक फोटो)

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऑक्सीजन की समस्या के दीर्घकालीन समाधान पर निर्णय लिया है. इसके लिए ऑक्सीजन उत्पादन के लिए अधिकतम 75 करोड़ रुपए तक की सहायता का विशिष्ट पैकेज देने का फैसला किया.

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भोपाल. कोरोना आपदा से निपटने के लिए मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) सरकार ने बड़ा फैसला किया है. सरकार अब ऑक्सीजन ( Oxygen) उत्पादन के लिए अनुदान देगी. मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सरकार के इस फैसले पर जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऑक्सीजन की समस्या के दीर्घकालीन समाधान पर फैसला लिया है. इसके लिए ऑक्सीजन उत्पादन के लिए अधिकतम 75 करोड़ रुपए तक की सहायता का विशिष्ट पैकेज देने का फैसला किया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रशासन द्वारा आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. योजना का लाभ नए प्लांट, पहले से संचालित इकाइयों, मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और नर्सिंग होम को भी मिल सकेगा.

क्या है विशेष पैकेज

ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता बढ़ाने के लिये प्रोत्साहन के लिए विशिष्ट पैकेज के तहत प्रदेश में न्यूनतम 10 क्यूबिक मीटर प्रति घंटा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता की इकाइयों को मदद दी जाएगी. इकाइयों को यंत्र एवं संयंत्र तथा भवन में किये गये पूंजी निवेश पर 50 प्रतिशत की स्थिर दर से मूल निवेश प्रोत्साहन सहायता दी जाएगी. इसके तहत अधिकतम 75 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी. इकाईयों को प्रचलित विद्युत टेरिफ पर एक रुपये प्रति यूनिट की छूट दी जायेगी. यह छूट एमपीईआरसी द्वारा दी जा रही छूट, के अतिरिक्त एक रुपये प्रति यूनिट होगी. इसकी प्रतिपूर्ति एमएसएमई या एमपीआईडीसी द्वारा पात्र इकाईयों को की जायेगी.

ये होंगे फायदे
ऑक्सीजन प्लांट द्वारा सुरक्षा मानकों में किए गए खर्च का 50 प्रतिशत अधिकतम एक करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति भी सरकार की ओर से जाएगी. इस सुविधा का लाभ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने से सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए 3 वर्षों में तीन किश्तों में दिया जाएगा. बड़े उद्योगों को 5 वर्षों में पांच किश्तों में मिल सकेगा. सरकार का दावा है कि विशिष्ट पैकेज योजना से प्रदेश में अधिकतम स्थानों पर ऑक्सीजन उत्पादन संबंधी इकाइयां लगाई जा सकेंगीं. पूर्व संचालित इकाइयों का विस्तार भी निश्चित तौर पर होगा.
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