विदिशा: रमाकांत भार्गव के लिए जनता की अदालत में जाएगा शिव 'परिवार'!

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 25, 2019, 11:25 AM IST
विदिशा: रमाकांत भार्गव के लिए जनता की अदालत में जाएगा शिव 'परिवार'!
फाइल फोटो

कांग्रेस प्रत्याशी शैलेंद्र पटेल के पास राजनीतिक अनुभव के साथ कार्यकर्ताओं की लंबी टीम है. वो 2013 से 2018 तक इछावर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं.

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विदिशा लोकसभा सीट से बीजेपी ने रमाकांत भार्गव को प्रत्याशी बनाया है. यहां शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है. ये वो सीट है, जहां से चुनकर शिवराज सिंह चौहान 5 बार संसद पहुंचे और विधान सभा के लिए भी चुने गए. इस बार वो खुद तो चुनाव मैदान में नहीं हैं लेकिन अपने करीबी रमाकांत भार्गव को टिकट दिलवाया है. इसलिए अब शिवराज सपरिवार प्रचार करेंगे. भार्गव के नामांकन के दौरान भी शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहे.

विदिशा लोकसभा सीट बीजेपी का गढ़ है और इसी गढ़ में कांग्रेस सेंधमारी की कोशिश कर रही है. कांग्रेस ने पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल पर दांव खेला है तो बीजेपी ने शिवराज के सबसे करीबी रमाकांत भार्गव को चुनाव मैदान में उतारा है. रमाकांत ने इससे पहले एक भी चुनाव नहीं लड़ा है. ऐसे में बीजेपी शिवराज के चेहरे पर ये चुनाव लड़ रही है. विदिशा पर अपनी जीत बरकरार रखने के लिए शिवराज के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह और बेटा कार्तिकेय ने चुनाव-प्रचार पर निकलेंगे.



मध्यप्रदेश की विदिशा लोकसभा सीट एकलौती ऐसी सीट है, जो बीजेपी नेता एक दूसरे को गिफ्ट करते आ रहे हैं.देश के प्रधानामंत्री रहे स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी भी यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. उन्होंने ये सीट पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंपी थी.सीएम बनने के बाद शिवराज ने ये सीट सुषमा स्वराज को गिफ्ट में दे दी. वो लगातार दो बार यानि 10 साल यहां से सांसद रहीं. इस बार स्वास्थ्य कारणों से सुषमा स्वराज ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया तो शिवराज सिंह चौहान ने अपने करीबी रमाकांत भार्गव को यहां से टिकट दिलवा दिया.

रमाकांत भार्गव v/s  शैलेंद्र पटेल
रमाकांत भार्गव के प्लस प्वाइंट
-शिवराज सिंह चौहान के सबसे करीबी
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-विधानसभा चुनाव के दौरान बुधनी में चुनाव की कमान संभाली
-15 साल ज़िला सहकारी बैंक अध्यक्ष रहे
-10 साल मार्कफेड के अध्यक्ष रहे
-1 साल अपैक्स बैंक अध्यक्ष रहे
-ब्राह्मण वोटर्स पर पकड़
-सरल स्वभाव
-निर्विवाद, निर्विरोध, भ्रष्टाचार का आरोप नहीं
रमाकांत भार्गव के माइनस प्वाइंट
-अब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा
-बुधनी और नसरुल्लागंज में गुटबाज़ी
-जनता के सीधे संपर्क नहीं



कांग्रेस ने इछावर से पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को टिकट दिया है.पटेल के पास राजनीतिक अनुभव के साथ कार्यकर्ताओं की लंबी टीम है. वो 2013 से 2018 तक इछावर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं.लेकिन 2018 में हार गए.खाती समाज से आने वाले पटेल को पहली बार लोकसभा का टिकिट मिला है.सीहोर की बुधनी और इछावर विधानसभा सीट विदिशा लोकसभा क्षेत्र मे आती है.

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बीजेपी प्रत्याशी रमाकांत भार्गव को शैलेंद्र पटेल के मुकाबले राजनीति में ज्यादा अनुभव नहीं है.यही वजह है कि भार्गव शिवराज के चेहरे पर चुनाव लड़ रहे हैं.बताया जा रहा है कि भार्गव के लिए शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह और बेटा कार्तिके चुनाव प्रचार-प्रसार की कमान संभालेंगे. इस संसदीय क्षेत्र में आने वाले सभी आठ विधानसभा इलाकों में शिवराज फैमिली उनके लिए प्रचार करेगी.

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First published: April 25, 2019, 10:52 AM IST
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