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फिल्म शोले की तरह असल जेल में भी हरिराम नाई

Manoj Rathore | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: November 9, 2017, 9:19 AM IST
फिल्म शोले की तरह असल जेल में भी हरिराम नाई
इसी सिस्टम की वजह से जेलों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है.

इसी सिस्टम की वजह से जेलों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है.

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भोपाल सेंट्रल जेल ब्रेक की घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर 'हरिराम' सिस्टम तेजी से काम कर रहा है. इसी सिस्टम की वजह से जेलों की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले कर्मचारियों पर शिकंजा कसा जा रहा है.

हर चौथे दिन एक जेल प्रहरी सस्पेंड भी हो रहा है. इन पर लापरवाही से लेकर रिश्वत लेने का आरोप है. सस्पेंड की कार्रवाई के बाद इन सभी कर्मचारियों की जांच जेल मुख्यालय की स्पेशल टीम कर रही है.

दरअसल, जेल मुख्यालय ने इंटेलिजेंस सिस्टम बनाया. इस सिस्टम का कंट्रोल रूम मुख्यालय में है, जिसके चीफ डीआईजी स्तर के अधिकारी हैं. जेल ब्रेक की घटना के बाद पहली बार इंटेलिजेंस सिस्टम बनाकर 11 केंद्रीय जेल और 40 जेलों में दो-दो कर्मचारियों की टीम बनाई थी. इन टीमों ने जेलों के अंदर हरि राम यानि मुखबिर बनाए और जेल के अंदर चल रही संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मुख्यालय भेजी.

एडीजी जेल मुख्यालय जीआर मीणा ने बताया कि इन्हीं सूचनाओं के आधार पर भोपाल के साथ जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर जेलों में कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई.

भोपाल सेंट्रल जेल से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते चार महीने में 30 जेल प्रहरियों को सस्पेंड किया गया है. जेल मुख्यालय सभी सस्पेंड कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर रहा है.

भोपाल के साथ ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में भी कार्रवाई की गई. जेलों में प्रहरियों के जरिए अंदर मोबाइल फोन के साथ संदिग्ध सामान ले जाया जा रहा है. इंटेलिजेंस जेलों के अंदर होने वाली ऐसी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है.

जेल विभाग समय रहते इस तरह के सिस्टम को बनाकर जेल के भेदियों पर शिकंजा कसता, तो शायद भोपाल सेंट्रल जेल ब्रेक का कलंक सरकार पर नहीं लगता. लेकिन देर आए दुरूस्त आए, जेल में सक्रिय हरि राम का ही कमाल है, जो इस सिस्टम के जरिए दागी कर्मचारियों पर कार्रवाई करने में मदद कर रहा है.

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First published: November 9, 2017, 9:19 AM IST
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