लाइव टीवी

अतिथि विद्वानों का ऐलान- नई नीति में अपना ये वादा भूल गई सरकार, जारी रहेगा धरना

Ranjana Dubey | News18 Madhya Pradesh
Updated: December 11, 2019, 10:01 PM IST
अतिथि विद्वानों का ऐलान- नई नीति में अपना ये वादा भूल गई सरकार, जारी रहेगा धरना
सरकार के प्रस्ताव से नाखुश अतिथि विद्वानों ने कहा जारी रहेगा धरना

अतिथि विद्वानों (Guest Faculty) के धरने और पैदल मार्च के बाद कमलनाथ सरकार ने कैबिनेट में अतिथि विद्वानों के लिए नई नीति मंजूर की जिसके तहत अतिथि विद्वानों को विस्थापन के बाद फिर से अवसर देने की बात कही गई है, लेकिन अतिथि विद्वानों ने इसे वादा खिलाफी बताया है. 

  • Share this:
भोपाल. कमलनाथ सरकार ने फैसला किया है कि अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा. सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की नियुक्ति के बाद भी अतिथि विद्वानों को रिक्त पदों पर रखा जाएगा. वहीं पीएससी (PSC) की परीक्षा देने वाले अतिथि विद्वानों को 20 अंक अनुभव के दिए जाने का फैसला किया गया है. सरकार की घोषणा के बाद भी अतिथि विद्वान नाखुश हैं. उन्होंने सरकार के खिलाफ धरना जारी रखने का निर्णय लिया है.

'नई नीति में क्यों नहीं है नियमित करने का वादा' 
अतिथि विद्वान नियमित करने की मांग को लेकर राजधानी के शाहजहांनी पार्क में धरने पर बैठे हैं. कैबिनेट में नई नीति के बाद अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के संयोजक देवराज सिंह का कहना है कि कैबिनेट में सरकार प्रस्ताव ज़रूर लेकर आई है लेकिन वो हमारे हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि जहां तक प्रस्ताव का सवाल है तो उससे खाली जगहों पर अतिथि विद्वानों को कहां शिफ्ट करेंगे जब खाली जगह बची ही नहीं है. उन्होंने कहा कि रिक्त पदों पर एमपी-पीएससी से चयनित सहायक प्राध्यापकों को शिफ्ट कर दिया गया है जबकि सरकार ने इन्हें नियमित करने का वादा किया था.

News - अतिथि विद्वानों की 'भविष्य सुरक्षा यात्रा' 4 दिसंबर को छिंदवाड़ा से शुरू हुई थी
अतिथि विद्वानों की 'भविष्य सुरक्षा यात्रा' 4 दिसंबर को छिंदवाड़ा से शुरू हुई थी


मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
मोर्चा के संयोजक देवराज सिंह ने कहा कि, 'वचन पत्र में 90 दिनों में नियमित करने का वादा किया था, लेकिन प्रस्ताव में नियमित करने की बात है ही नहीं. सरकार ने अतिथि विद्वानों को नियमित करने का प्रस्ताव नई नीति में क्यों शामिल नहीं किया.' उन्होंने कहा कि नियमित करने का वादा सरकार ने किया था जो कि अब तक पूरा नहीं किया है. ऐसे में अब नियमित करने की मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रहेगा.

4 दिसंबर को छिंदवाड़ा से शुरू हुई थी पदयात्राअतिथि विद्वानों की 'भविष्य सुरक्षा यात्रा' 4 दिसंबर से छिंदवाड़ा से शुरू हुई थी. पैदल मार्च के जरिए सरकार को वादा याद दिलाने अतिथि विद्वान भोपाल पहुंचे हैं. भोपाल में अतिथि विद्वानों का धरना मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा. दो महीने पहले भी अतिथि विद्वानों की मांगें जल्द से जल्द पूरी करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन वादा अब तक पूरा नहीं किया गया. ऐसे में पैदल मार्च के साथ अब भविष्य सुरक्षा यात्रा अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी. सर्दी के बीच अतिथि विद्वान शाहजहांनी पार्क में डेरा डाले हुए हैं.

ये भी पढ़ें -
नागरिकता संशोधन बिल पर संसद में घमासान, सड़क पर कांग्रेस का प्रदर्शन
कमलनाथ सरकार का बड़ा फैसला, Land Pulling Policy के तहत किसानों को लौटाएगी जमीन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए छिंदवाड़ा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 11, 2019, 10:01 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर