प्रत्याशियों की 'अग्नि-परीक्षा', अब भी कई सीटों को लेकर मुश्किल में बीजेपी-कांग्रेस

भोपाल की गोविंदपुरा सीट सहित कई सीटें हैं जहां टिकटों को लेकर प्रत्याशियों के नाम पर बीजेपी और कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है

Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 6, 2018, 5:41 PM IST
प्रत्याशियों की 'अग्नि-परीक्षा', अब भी कई सीटों को लेकर मुश्किल में बीजेपी-कांग्रेस
कमलनाथ और शिवराज(फाइल फोटो)
Puja Mathur | News18 Madhya Pradesh
Updated: November 6, 2018, 5:41 PM IST
मध्य प्रदेश चुनावों में टिकटों को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नही ले रहा है. आलम ये है कि बीजेपी और कांग्रेस में अब भी कई सीटों पर दावेंदारों को अपनी बारी का इंतजार है. भोपाल की गोविंदपुरा सीट सहित कई सीटें हैं जहां टिकटों को लेकर प्रत्याशियों के नाम पर बीजेपी और कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है, जितना घमासान घोषित सीटों पर है उससे दोगुना बवाल उन सीटों पर है, जहां प्रत्याशियों के नाम का ऐलान होना बाकी है. (इसे पढ़ें- शिवराज बोले, 'कंफ्यूज कांग्रेस नहीं चुन पा रही अपना नेता, BJP का सेनापति मैं')

बीजेपी की बात करें तो टिकटों को लेकर सबसे ज्यादा मारामारी इसी पार्टी में नजर आ रही है. सत्तारुढ़ पार्टी के टिकट पर विधायक बनने की आस पाले ढेरों चेहरे इस बार अपना टिकट पक्का करने की दौड़ में हैं. और यहीं कारण है कि लंबे मंथन के बाद भी पार्टी अभी तक 38 सीटों पर नाम तय नही कर पाई है.

बीजेपी के जिन सीटों को लेकर मुश्किल है उनमें, दिमनी, अम्बाह, भिण्ड, मेहगाँव, डबरा, भाण्डेर, चाचौड़ा, निवाड़ी, राजनगर, पथरिया, पन्ना, अमरपाटन, सिहावल, बड़वारा, पाटन, लखनादौन, तेंदूखेड़ा, गाडरवाड़ा, सिवनी मालवा, शमशाबाद, भोपाल उत्तर, गोविंदपुरा, शाजापुर, कालापीपल, सोनकच्छ, देपालपुर, इंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 3, इंदौर 4, इंदौर 5, महू, राऊ, सांवेर, महिदपुर, घटिया, गरोठ विधानसभा शामिल है.

हालांकि बंद कमरे में प्रत्याशी तय करने को लेकर पसोपेश में दिख रही पार्टी..कैमरे के सामने अपनी मजबूरी छिपाने का काम कर रही है. पार्टी के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल वाली सीटों में मालवा, विंध्य और मध्यभारत की सीटें हैं.

वहीं दूसरी ओर बीजेपी की तरह कांग्रेस भी नाम तय करने को लेकर मंथन करती हुई नजर आ रही है. कांग्रेस अब तक 184 सीटों पर चेहरे तय कर चुकी है, लेकिन पार्टी बाकी 46 सीटों पर नाम तय करने को लेकर भारी कशमकश में है.

कांग्रेस के जिन सीटों पर दावेंदारों को लाटरी लगने का इंतजार है उसमें, 46 सीटों को कांग्रेस के चेहरों का इंतजार है. श्योपुर, भिण्ड, गोहद, ग्वालियर दक्षिण, रेहली, जतारा, मलेहरा, पथरिया, दमोह, हटा, पन्ना, बांधवगढ़, मुड़वारा, जबलपुर पूर्व, जबलपुर उत्तर, निवास, बालाघाट, वारासिवनी, कटंगी, होशंगाबाद, पिपरिया, गोविंदपुरा, हुजूर, बुधनी, सुसनेर, शुजालपुर, खातेगांव, खरगोन, पानसेमल, इंदौर 1, इंदौर 2, इंदौर 3, इंदौर 4, इंदौर 5, महिदपुर, उज्जैन उत्तर, उज्जैन दक्षिण, रतलाम सिटी, आलोट, मंदसौर, मल्हारगढ़, गरोठ, मनासा, नीमच, जावद, विधानसभा सीट शामिल है.

चुनाव में नामिनेशन फाइल करने में तीन दिन का समय बाकी है. ऐसे में पार्टियों की कोशिश है कि जल्द से जल्द सभी सीटों पर प्रत्याशी तय कर दिए जाये..लेकिन घंटों की मैराथन बैठकों के बाद भी पार्टी जीताऊ उम्मीदवारों की तलाश को पूरा नही कर पा रही है. जो चुनाव से पहले राजिनैतिक दलों की मजबूरी को बयां कर रही है.
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