छात्र संघ चुनाव: मध्य प्रदेश में 34 साल बाद कॉलेजों में सीधे वोट के जरिए चुने जाएंगे नेता

उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश के कॉलेजों में जल्द ही छात्र संघ चुनाव के संकेत दिए हैं.

News18 Madhya Pradesh
Updated: August 29, 2019, 11:46 AM IST
छात्र संघ चुनाव: मध्य प्रदेश में 34 साल बाद कॉलेजों में सीधे वोट के जरिए चुने जाएंगे नेता
छात्र संघ चुनाव: मध्य प्रदेश में 34 साल बाद कॉलेजों में सीधे वोट के जरिए चुने जाएंगे नेता
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Updated: August 29, 2019, 11:46 AM IST
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कॉलेजों में जल्द ही छात्र संघ चुनाव (Student Union Election) होने वाले हैं. उच्च शिक्षा मंत्री (Minister of Higher Education) जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने बुधवार को इसके संकेत (Hint) दिए हैं. उन्होंने कहा है कि कॉलेजों में छात्र-छात्राएं (Students) अपना नेता (Leader) खुद चुनें क्योंकि सरकार भी यही चाहती है. जीतू पटवारी ने कहा कि इसके लिए छात्र-छात्राएं प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली (Direct election system) से वोट (Vote) कर अपने नेता का चुनाव कर सकेंगे. हालांकि चुनाव कब होंगे इस पर पटवारी ने अभी कोई जानकारी नहीं दी है.

सन् 1985-86 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनाई थी ये प्रक्रिया

गौरतलब हो कि सन् 1985-86 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सीधे वोटिंग (Direct voting) के जरिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (President and vice president) का चुनाव कराने की प्रक्रिया (Process) शुरू की थी. इसके बाद भी काॅलेजों में चुनाव होते रहे.

छात्र संघ चुनाव-Student union election
छात्र संघ चुनाव: मध्य प्रदेश में 34 साल बाद कॉलेजों में सीधे वोट के जरिए चुने जाएंगे नेता (सांकेतिक तस्वीर)


पिछली कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में मंत्रियों ने महाविद्यालयों (Colleges) की समितियों में राजनीतिक सदस्यों (Political members) की नियुक्ति (Appointment) करने के बारे में जानकारी दी थी. इसके लिए मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा (Higher education), जेल (Jail), नगरीय प्रशासन (Urban administration) समेत अन्य विभागों की समितियों में नियुक्ति के निर्देश दिए थे.

इस प्रक्रिया से चुने जाएंगे नेता 

जीतू पटवारी ने कहा कि 34 साल बाद प्रत्यक्ष वोट प्रक्रिया के तहत काॅलेजों में हर क्लास से स्टूडेंट्स अपना प्रतिनिधि (Representative) चुनेंगे. इसके बाद कॉलेज से ही यूनिवर्सिटी प्रतिनिधि भी चुने जाएंगे. ये प्रतिनिधि अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली (Indirect election system) के जरिए विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनेंगे. इसमें काॅलेज के चुने गए अध्यक्ष की भूमिका अहम होगी.
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First published: August 29, 2019, 11:42 AM IST
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