मंत्री के बंगले पर सुसाइड : मृतका के गैजेट्स से जुटाए जा रहे हैं उमंग सिंघार के खिलाफ सबूत

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के बंगले पर रविवार को उनकी महिला मित्र ने सुसाइड कर लिया था.

पूर्व मंत्री उमंग सिंघार के बंगले पर रविवार को उनकी महिला मित्र ने सुसाइड कर लिया था.

Bhopal. सिंघार के बंगले पर उनकी महिला मित्र के खुदकुशी केस में जांच पूरी होने और पर्याप्त सबूत होने पर ही उमंग सिंघार की गिरफ्तारी होगी. पु

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भोपाल. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री उमंग सिंघार (Umang Singhar) के बंगले पर महिला मित्र के सुसाइड केस में अब साइबर पुलिस (Cyber police) की एंट्री हो गई है.  पुलिस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से उमंग सिंघार के खिलाफ सबूत जुटा रही है. जांच पूरी होने और पर्याप्त सबूत होने पर ही उमंग सिंघार की गिरफ्तारी होगी. पुलिस नये सिरे से सोनिया के बेटे आर्यन, उनकी मां, बंगले के कर्मचारियों और सिंघार के बयान दर्ज करेगी. दोबारा लिए गए बयानों को चार्जशीट में शामिल किया जाएगा.

भोपाल पुलिस ने मृतका सोनिया के गैजेट्स की जांच के लिए साइबर पुलिस की मदद ली है. पुलिस को सोनिया के मोबाइल फोन से वीडियो और ऑडियो के साथ कई सबूत मिले हैं. अब साइबर पुलिस की मदद से ये सबूत जुटाए जा रहे हैं. सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट जांच कर रहे हैं. सुसाइड करने से 2 दिन पहले सोनिया का उमंग सिंघार से झगड़ा हुआ था. नौकरों के बयान में इस झगड़े का खुलासा हुआ है. सोनिया के बेटे आर्यन ने केस वापस करने के संबंध में सीएम शिवराज सिंह चौहान को लिखा पत्र है.

दोबारा बयान

इस बीच ये पता चला है कि सिंघार के बंगले पर उनकी महिला मित्र के खुदकुशी केस में जांच पूरी होने और पर्याप्त सबूत होने पर ही उमंग सिंघार की गिरफ्तारी होगी. पुलिस नये सिरे से सोनिया के बेटे आर्यन, उनकी मां, बंगले के कर्मचारियों और सिंघार के बयान दर्ज करेगी. दोबारा लिए गए बयानों को चार्जशीट में शामिल किया जाएगा. शाहपुरा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. सिंघार पर FIR को लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं.
लोक अभियोजन दर्ज की FIR...

पुलिस ने उमंग पर डीपीओ की राय लेने के बाद FIR दर्ज की है. डीआईजी इरशाद वली ने बताया कि लीगल ओपिनियन लेने के बाद FIR दर्ज की गई है. डीपीओ ने भी सुप्रीम कोर्ट के ललिता कुमारी मामले में आए फैसले का हवाला देकर पुलिस को यह राय दी है. FIR में सोनिया के मोबाइल फोन से मिले वीडियो और ऑडियो के साथ साथ अन्य सबूतों को शामिल किया गया है.




रेमडेसिविर केस में नहीं लगा सुराग

जेके अस्पताल में रेमडेसिविर की कालाबाजारीके मामले में 6 दिन के बाद अस्पताल के आईटी मैनेजर आकाश दुबे को कोलार पुलिस नहीं ढूंढ पाई है. पुलिस इंजेक्शन के बैच नंबर की जानकारी भी नहीं हासिल कर पाई. पुलिस ने इस मामले में आकाश से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 6 इंजेक्शन  बरामद किए थे. इस मामले में कई रसूखदारों के कनेक्शन के बात भी सामने आई थी.

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