बड़ी खबर: माइक्रो बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री वाले नहीं बन पाएंगे स्कूल टीचर, जानिए क्यों

मध्य प्रदेश के बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स से सिलेक्टेड लोग स्कूल टीचर नहीं बन पाएंगे. इन लोगों ने इच्छा मृत्यु मांगी है.

MP News: माइक्रो बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री वाले प्रदेश के स्कूलों में टीचर नहीं बन सकेंगे. सरकार ने हालांकि इनका सिलेक्शन कर लिया था, लेकिन अब पैर पीछे खींच रही है. सिलेक्टेड लोगों ने अब सरकार से इच्छा मृत्यु मांगी है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में टीचर्स इलिजिबिलिटी टेस्ट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) में एक और नया विवाद खड़ा हो गया है. बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स से चयनित एस्पिरेंट्स को DPI (लोक शिक्षण संचालनालय) ने अमान्य घोषित कर दिया है. सिलेक्शन और डॉक्यूमेंट्स वैरिफिकेशन के बाद सरकार अब कदम पीछे हटा रही है. तीन साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे इन लोगों ने अब सरकार से इच्छा मृत्यु मांगी है.

टीचर्स इलिजिबिलिटी टेस्ट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के चयनित पार्टिसिपेंट्स के दस्तावेजों का वैरिफिकेशन पूरा हो गया है. हालांकि, बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स माइक्रो बायोलॉजी, बायो टेक्नोलॉजी, बायो केमिस्ट्री के परीक्षार्थियों के दस्तावेजों के वैरिफिकेशन के दौरान संकट खड़ा हो गया. सरकार ने  इन सब-सब्जेक्ट्स के करीब 500 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स को अमान्य घोषित कर दिया. टीचर्स इलिजिबिलिटी टेस्ट पास करने के बाद और मेरिट में आने वाले स्टूडेंट को भी अयोग्य घोषित किया गया है.

सर्कुलर स्पष्ट न होने से हुई गफलत

मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग ने बायोलॉजी के 1600 पदों पर 3 साल पहले भर्ती निकाली थी. साल 2018 में शिवराज सरकार ने भर्ती का सर्कुलर निकाला. सर्कुलर में स्पष्ट नहीं किया गया था कि बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स को शामिल किया जाएगा या नहीं. इसी गफलत के चलते चयनित शिक्षकों को अब नौकरी पर नहीं रखा जा रहा है. चयन परीक्षा में मेरिट में आने वाले चयनित अभ्यर्थियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. चयनित शिक्षकों का कहना है कि साल 2005 में शिक्षकों की भर्ती में बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स को स्वीकार किया गया था. सरकार ने उनका संविलियन भी किया था, लेकिन अब किस आधार पर बाहर किया जा रहा है.

डीपीआई का आदेश- बायोलॉजी के सब-सब्जेक्ट्स मान्य नहीं

स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि बायोलॉजी के सब सब्जेक्टस मान्य नहीं हैं. लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों से चयनित शिक्षकों की सूची मांगी है, जिनके दस्तावेजों का सत्यापन हो चुका है. सत्यापन करा चुके शिक्षकों को सूची में जोड़ा है. सब सब्जेक्ट्स मान्य नहीं है. मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा 11 साल बाद आयोजित हुई थी. 3 साल से परीक्षार्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. लंबे इंतजार के बाद अब चयनित परीक्षार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है. माना जा रहा है कि जुलाई महीने तक चयनित परीक्षार्थियों को स्कूलों में नियुक्तियां दी जाएंगी.

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