# विधानसभा चुनाव : एमपी की राजनीति इसलिए मंदिरों की परिक्रमा कर रही है
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# विधानसभा चुनाव : एमपी की राजनीति इसलिए मंदिरों की परिक्रमा कर रही है
अमित शाह और राहुल गांधी( फाइळ फोटो)

मंदिरों में जाना राजनैतिक प्रतिनिधियों के लिए सिर्फ आस्था का विषय तो नहीं है. अगर होता तो नेताओं के साथ मीडिया के कैमरे और कार्यकर्ताओं की भीड़ मंदिरों में नहीं होती.

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मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों मंदिर के आसपास परिक्रमा कर रही. बीजेपी तो पहले से ही मंदिर की राजनीति के लिए जानी जाती है. अब कांग्रेस भी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलकर हिंदू मतदाता को साध रही है. इसकी वजह यही है कि प्रदेश में जो बड़े मंदिर हैं वो यहां की 109 विधान सभा सीटों पर असर रखते हैं.

राहुल गांधी ने चित्रकूट और अमित शाह ने महाकाल के दरबार में पूजा करने के बाद चुनाव अभियान शुरू किया. दरअसल मध्य प्रदेश की 109 सीटों पर सीधा मंदिरों का असर है. महाकाल(मालवा) मंदिर के आसपास-33 विधानसभा क्षेत्र हैं. इसी तरह बुंदेलखंड की 28 सीटों पर सीधे पीतांबरा शक्ति पीठ का असर है. अगर ओरछा की बात करें तो रामराजा दरबार के आसपास 11 विधानसभा सीट हैं.

सलकनपुर मंदिर सीहोर ज़िले में है. इस मंदिर का असर प्रदेश के मध्य इलाके की 9 विधान सभा सीटों पर है. मैहर का शारदा देवी मंदिर और चित्रकूट में कामतानाथ मंदिर 29 विधानसभा क्षेत्रों को प्रभावित करता है. इसलिएबीजेपी और कांग्रेस अब इन मंदिरों के धार्मिक और पौराणिक महत्व के सहारे अपनी नैया पार लगाने की जुगाड़ में हैं



ज़ाहिर है मंदिरों में जाना राजनैतिक प्रतिनिधियों के लिए सिर्फ आस्था का विषय तो नहीं है. अगर होता तो नेताओं के साथ मीडिया के कैमरे और कार्यकर्ताओं की भीड़ मंदिरों में नहीं होती.
सॉफ्ट हिंदुत्व के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे के सामने आते रहे हैं. अब इन चुनावों में मध्य प्रदेश में मंदिरों मठों और धार्मिक स्थलों का राजनैतिक महत्व भी नकारा नहीं जा सकता.लिहाज़ा राजनैतिक दल इसे भी भुना लेना चाहते हैं.

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