टेरर फंडिंग: एमपी मॉड्यूल का दूसरे राज्यों के मॉड्यूल से है कनेक्शन

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना में टेरर फंडिंग (Terror Funding in Satna) से जुड़े नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं. एमपी में फैले मॉड्यूल का काम पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर आईएसआई के जासूसों तक आर्थिक मदद पहुंचाना था.

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 26, 2019, 11:33 PM IST
टेरर फंडिंग: एमपी मॉड्यूल का दूसरे राज्यों के मॉड्यूल से है कनेक्शन
एमपी के टेरर फंडिंग मॉड्यूल का दूसरे राज्यों के मॉड्यूल से कनेक्शन है. (प्रतीकात्मक फोटो)
Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: August 26, 2019, 11:33 PM IST
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना में टेरर फंडिंग (Terror Funding in Satna) से जुड़े नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद नए-नए खुलासे हो रहे हैं. एमपी में फैले मॉड्यूल का काम पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर आईएसआई के जासूसों तक आर्थिक मदद पहुंचाना था. जांच में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि एमपी मॉड्यूल ने बिहार और वेस्ट बंगाल के कई खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर किए हैं. एमपी एटीएस के साथ बिहार और वेस्ट बंगाल की सुरक्षा एजेंसियां भी इन खातों की जांच-पड़ताल कर रही हैं.

आरोपियों के पास से मिले 100 पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर
सतना पुलिस ने पांच दिन पहले टेरर फंडिंग के नेटवर्क से जुड़े बलराम और उसके दो साथी सुनील सिंह और शुभम मिश्रा को गिरफ्तार किया था. आरोपियों का पाकिस्तानी कनेक्शन समाने आने के बाद एमपी एटीएस ने इन सभी आरोपियों को अपनी कस्टडी में ले लिया. एटीएस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. आरोपियों ने पूछताछ में इस बात का खुलासा किया है कि वे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे. आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर्स से इंटरनेट कॉलिंग से बातचीत करते थे. उनके पास से 100 पाकिस्तानी हैंडलर्स के नंबर मिले हैं.

बिहार, वेस्ट बंगाल के मॉड्यूल से है कनेक्शन

एमपी मॉड्यूल का कनेक्शन बिहार और वेस्ट बंगाल के मॉड्यूल से जुड़ रहे हैं. इस कनेक्शन के बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गई हैं. आरोपियों से मिल रही जानकारियों को एमपी की सुरक्षा एजेंसियां केंद्रीय और दूसरे राज्यों की एजेंसियों से साक्षा कर रही हैं. एमपी एटीएस बलराम और उसके दो साथियों से लगातार पूछताछ कर रही है. पूछताछ में आरोपियों ने बिहार और वेस्ट बंगाल के कई बैंक खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर करने की बात कबूली है. ये खाते आईएसआई एजेंटों के बताए जा रहे हैं, जो भारत में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी का काम कर रहे हैं. भारत में फैले पाकिस्तानी जासूस सेना के साथ यहां की महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेजते रहते हैं. जिन बैंक खातों का खुलासा हुआ है, उनकी जांच एमपी एटीएस के साथ वेस्ट बंगाल और बिहार की सुरक्षा एजेंसियां भी कर रही हैं. इन खातों में बलराम और उसके साथियों के जरिए राशि पहुंचाई गई. ये राशि  बलराम को पाकिस्तान हैंडलर्स ने मुहैया कराई थी.

कमीशन के लिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे हैं स्लीपर सेल के लोग
आयकर विभाग की रडार से बचने के लिए पाकिस्तानी हैंडलर्स और फायनेंसर स्लीपर सेल के लोग पचास हजार से कम की राशि ट्रांसफर करते थे. एमपी में फैले मॉड्यूल का आरोपी बलराम अहम कड़ी है. उसके साथ और कितने लोग जुड़े हैं और किन-किन शहरों में नेटवर्क से जुड़कर फायनेंसर स्लीपर सेल कमीशन के चक्कर में पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे हैं. इन सभी बिंदुओं पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूछताछ में आगे भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है.
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2017 में गिरफ्तार किया गया था बलराम सिंह
गौरतलब है कि एमपी एटीएस ने 2017 में जम्मू कश्मीर की सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट पर पाकिस्तानी जासूसों को पैसा पहुंचाने वाले सतना के बलराम सिंह को गिरफ्तार किया था. बलराम सिंह की गिरफ्तारी के बाद जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर से भी 13 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुई थीं. आठ महीने पहले ही बलराम सिंह भोपाल सेंट्रल जेल से जमानत पर बाहर आया था. इंटेलिजेंस को उस पर नजर रखनी थी, लेकिन यह खुफिया तंत्र की नाकामी है कि बलराम फिर टेटर फंडिंग के नेटवर्क से जुड़ गया और एमपी में सक्रिय इस मॉड्यूल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स ने फिर भारत में फैले अपने जासूसों को फंडिंग करना शुरू कर दिया.

एक-दूसरे से परिचित नहीं हैं आरोपी
एमपी पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता आशुतोष प्रताप सिंह का कहना है कि आरोपियों ने बिहार और वेस्ट बंगाल के कई खातों में राशि पहुंचाई है. इन खातों की जांच चल रही है. ये आरोपी एक-दूसरे से परिचित नहीं हैं. दूसरे राज्यों से कनेक्शन की वजह से जानकारियों को जुटाया जा रहा है. सैंकड़ों बैंक खातों में राशि ट्रांसफर होने की जानकारी मिली है. सभी तथ्यों की जांच की जा रही है.

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First published: August 26, 2019, 11:29 PM IST
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