MP में सियासी संकट का द एंड: CM कमलनाथ ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा
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MP में सियासी संकट का द एंड: CM कमलनाथ ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा
mp विधानसभा चुनाव में किसान कर्ज़माफी हो. (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सियासी संकट समाप्त हो गया है. सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) को दे दिया है.

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भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सियासी संकट समाप्त हो गया है. सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) को दे दिया है. फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम कमलनाथ ने इस्तीफा देने का ऐलान किया था. सीएम ने कहा था कि वे राज्यपाल लालजी टंडन को इस्तीफा सौंपेंगे. उन्होंने कहा, 'मैंने तय किया है कि मैं राज्यपाल को इस्तीफा दूंगा'.

इस्तीफा देने से पहले सीएम कमलनाथ ने कहा कि, 'राज्य में बीजेपी को 15 साल मिले थे. मुझे अब तक सिर्फ 15 महीने मिले हैं. ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में गुजरे. इन 15 महीनों मे राज्य का हर नागरिक गवाह है कि मैंने राज्य के लिए कितना काम किया, लेकिन बीजेपी को ये काम रास नहीं आए और उसने हमारे खिलाफ लगातार काम किया.'

कमलनाथ का त्यागपत्र.




एक नज़र भाषण की प्रमुख बातों पर
1-सीएम कमलनाथ ने सरकार गिराने के लिए पूरी तरह बीजेपी और उसके षडयंत्र को जिम्मेदार ठहराया. कमलनाथ ने कहा मेरी सरकार ने 15 महीने में विकास कार्य किए जो बीजेपी को रास नहीं आए. पहले ही दिन से बीजेपी ने षडयंत्र शुरू कर दिया था.प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया गया.

2-कमलनाथ ने कहा बीजेपी ने एमपी को माफिया राज बना दिया था. हमारी सरकार ने एमपी को माफिया मुक्त राज्य बनाने की मुहिम शुरू की थी.बीजेपी को ये रास नहीं आया. मेरे जन हितैशी काम बीजेपी को रास नहीं आए.

3-कमलनाथ ने अपने भाषण में लगातार हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों का ज़िक्र किया. उन्होंने याद दिलाया कि अपनी सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में उन्होंने रामपथगमन, सीता मंदिर और गौशाला बनाने का काम शुरू किया. बीजेपी को ये भी रास नहीं आ रहा था.

4-कमलनाथ ने कहा चुनाव में कांग्रेस सबसे ज़्यादा सीटें जीतकर आयी थी. बीते 15 महीनों में प्रदेश को नई दिशा देने की और राज्य की तस्वीर बदलने के लिए किया काम. हमारी कोशिश रहे कि एमपी की तुलना देश के विकसित राज्यों से हो.

5-कमलनाथ ने अपने भाषण में भी कांग्रेस के बागी 22 विधायकों के बारे में भी ज़िक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के 22 विधायकों को बंधक बनाकर उन्हें प्रलोभन देने का खेल खेला गया.

6-हमारी सरकार ने जनता को शक्तिशाली बनाने की कोशिश की. इन 15 महीनों में ही जनता जानने लगी थी कि सरकार क्या होती है.

7-कमलनाथ ने कहा विधानसभा में कई बार बहुमत साबित किया.लेकिन BJP ने लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या कर दी. प्रदेश की जनता के साथ विश्वास घात हुआ.सरकार को अस्थिर करने की कोशिश पहले ही दिन से शुरू हो गयी थी. कहा गया कि ये 15 दिन की सरकार है.
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8-कमलनाथ ने कहा सरकार ने 15 महीनों में 2 लाख किसानों का कर्जा माफ किया.मेरी सरकार ने मजदूरों और किसानों के लिए काम किया. हमने झूठे वादे नहीं किए.BJP ने लगातार किसानों के साथ धोखा किया.

9-कमलनाथ ने कहा-प्रदेश सरकार पर किसी घोटाले का आरोप नहीं लगा. हम हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे. बीजेपी षड्यंत्र कर मेरे हौसलों को नहीं डिगा सकती.उन्होंने कहा-आज के बाद कल और कल के बाद परसों आता है.

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