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भोपाल की इस झुग्‍गी बस्ती के मज़दूर भुखमरी के कगार पर, अभी तक नहीं पहुंची सरकारी मदद
Bhopal News in Hindi

Manoj Rathore | News18 Madhya Pradesh
Updated: March 31, 2020, 9:49 AM IST
भोपाल की इस झुग्‍गी बस्ती के मज़दूर भुखमरी के कगार पर, अभी तक नहीं पहुंची सरकारी मदद
भोपाल की इस झु्ग्गी बस्ती के मज़दूर भुखमरी के कगार पर

Lockdown Effect: झुग्‍गी में रहने वाले मजदूर परिवार के लोगों ने बताया कि वह खेतों में गेहूं की बालियां चुनकर उसके सहारे अपनी भूख मिटाते हैं.

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भोपाल. मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसी भी झुग्गी बस्ती है, जहां हजारों मजदूर भुखमरी के कगार पर आ गए हैं. नौबत यहां तक आ गई है कि मजदूर अपने परिवार के साथ खेतों में गेहूं कटने के बाद पड़ी हुई बालियों को बीनते हैं और शाम को उसे पत्थर से कूटकर गेहूं के दाने निकालकर उससे रोटी बनाते हैं. इस तरीके से हजारों की संख्या में मजदूर अपना पेट पाल रहे हैं.

गांधी नगर इलाके की विकास नगर झुग्गी बस्ती की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्हें देखकर अंदाज़ लगाया जा सकता है कि पेट भरने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है. दरअसल, विकास नगर झुग्गी बस्ती में तीन हजार से ज़्यादा मजदूर परिवार रहते हैं. यह परिवार रोजाना काम करने के बाद अपना पेट पालते हैं, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण की आपदा की वजह से यहां पर मजदूर परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं. अपनी और अपने परिवार की भूख मिटाने के लिए अब यह परिवार गेहूं की बालियों पर निर्भर हैं.

दिनभर बीनते हैं गेहूं की बालियां
न्यूज 18 ने झुग्गी बस्ती का जायजा लिया. लोगों ने बताया कि उनका परिवार आसपास के ऐसे खेतों में जहां गेहूं की कटाई हो गई है, वहां दिन भर गेहूं की बालियां ढूंढते हैं. इन बालियों को घर लाकर पत्थर से कूटा जाता है और इसके बाद उसमें से निकले गेहूं के दानों को पीसकर रोटी बनाते हैं. इसी तरीके से यह मजदूर परिवार अपना पेट पाल रहे हैं.







गेहूं की बालियों के अलावा दूसरा रास्‍ता नहीं
लोगों का कहना है उनके पास भूख मिटाने के लिए गेहूं की इन बालियों के अलावा कोई रास्ता नहीं है. उनके पास खाने के लिए राशन नहीं है. घर में अनाज के डिब्बे खाली पड़े हैं. प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिली है, न ही राशन मिला है और न ही किसी अधिकारी ने अभी तक आश्वासन दिया है. यहां रह रहे इन परिवारों पर आपदा की स्थिति में भुखमरी हावी होने लगी है.



खाने के पैकेट से नहीं होती पूर्ति
नज़दीकी कॉलोनी जेपी नगर के लोगों ने विकास नगर की इस झुग्गी बस्ती में खाने के पैकेट भी बांटे, लेकिन करीब तीन हजार मजदूर परिवार होने की वजह से यह मदद भी ऊंट के मुंह में जीरा जैसी है. इन परिवारों तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पायी है.

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First published: March 31, 2020, 8:29 AM IST
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