MP में छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान से बसों की आवाजाही पर अब 15 मई तक रोक

MP-बसों की आवाजाही पर पहले 7 मई तक रोक थी.

MP-बसों की आवाजाही पर पहले 7 मई तक रोक थी.

Bhopal-यदि यात्री बस को किसी तरीके की परमिशन चाहिए है तो उसे परिवहन आयुक्त कार्यालय से संपर्क करना पड़ेगा. हालांकि यह विशेष परिस्थितियों पर ही निर्भर रहेगा.

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भोपाल. मध्य प्रदेश में अभी इंटर स्टेट बसों (Bus) की आवाजाही पर रोक (Ban) जारी रहेगी. इसे 15 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. अब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश राजस्थान के लिए बसों के आने-जाने पर इस अवधि तक बैन रहेगा.

कोरोना के भयावह हालात को देखते हुए मध्य प्रदेश में इंटर स्टेट यात्री बसों की आवाजाही पर प्रतिबंध बढ़ा दिया गया है. अब ये रोक 15 मई तक जारी रहेगी. एमपी के पड़ौसी चारों राज्यों से आने वाली यात्री बसों की एंट्री और निकासी दोनों बंद रहेंगी. परिवहन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं.

सीमा पर बैरिकेडिंग

परिवहन विभाग ने  आदेश जारी कर  छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगे प्रदेश के आरटीओ को निर्देश दिए हैं. पहले से इन सीमावर्ती प्रदेशों से बसों की आवाजाही बंद है. सीमाओं पर बैरिकेड्स लगे हुए हैं. लेकिन अब इस व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है. यानी इन पॉइंट पर 24 घंटे चौकसी रहेगी. यह आदेश 15 मई तक बढ़ाए गए हैं. 15 मई तक इन चारों राज्यों से आने वाली यात्री बसों पर पूरी तरीके से प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा मध्य प्रदेश से इन चारों राज्यों में जाने वाली यात्री बसों पर भी रोक लगी रहेगी. यदि इस निर्देशों के बावजूद भी यदि किसी प्रकार का परिवहन होता है तो उसके खिलाफ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नियम विरुद्ध कार्रवाई करेगा.

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पहले से था प्रतिबंध

कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण मध्य प्रदेश परिवहन विभाग ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बीच चलने वाली बसों पर रोक लगा रखी है. पहले यह रोक 7 मई तक के लिए थी. परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर कहा था कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए बसों पर इस दौरान रोक रहेगी. अब परिवहन आयुक्त कार्यालय ने इस रोक को 15 मई तक बढ़ा दिया. यदि यात्री बस को किसी तरीके की परमिशन चाहिए है तो उसे परिवहन आयुक्त कार्यालय से संपर्क करना पड़ेगा. हालांकि यह विशेष परिस्थितियों पर ही निर्भर रहेगा. लेकिन फिलहाल इस तरीके की विशेष परिस्थितियों में भी किसी तरीके की परमिशन आयुक्त कार्यालय से नहीं दी जा रही है.

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